कोटा में क्विक कॉमर्स पर उठे सवाल : 10 मिनट में डिलीवरी का दावा, लेकिन खाने की गुणवत्ता की क्या है गारंटी?
कोटा के 6 डार्क स्टोर्स पर खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर
कोटा। ऑनलाइन राशन व खाद्य सामग्री मंगवाने पर महज 10 मिनट में डिलीवरी देने वाला क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'ब्लिंकिट' (Blinkit) अब खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर जांच के दायरे में आ गया है। तेज डिलीवरी के इस दौर में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा इकाई ने हाल ही में कोटा स्थित ब्लिंकिट के विभिन्न डार्क स्टोर्स पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मसाले, घी, सोन पापड़ी और भुजिया सहित कुल 9 सैंपल लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में 3 सैंपल फेल पाए गए हैं, जिनमें से 2 मसालों के नमूने अवमानक (substandard)ि और 1 भुजिया का सैंपल मिसब्रांड निकला है। विभाग अब इन मामलों में एडीएम अदालत के समक्ष परिवाद पेश करने जा रहा है।
डार्क स्टोर में लापरवाही और रोटेशन की कमी
शहर में बोरखेड़ा, झालावाड़ रोड (सिटी मॉल के पास), तलवंडी, रंगबाड़ी, स्टेशन और कुन्हाड़ी में ब्लिंकिट के 6 डार्क स्टोर्स संचालित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 10 मिनट की जल्दबाजी में कर्मचारियों द्वारा प्रॉपर क्वालिटी चेक न करना, डीप फ्रीजर का ठीक से काम न करना या बिजली कटने जैसी वजहों से डेयरी उत्पाद, कटी सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्रियां खराब हो सकती हैं। साथ ही स्टॉक का सही रोटेशन न होने पर पुराना सामान ग्राहकों तक पहुंचने का जोखिम बना रहता है।
उपभोक्ता रहें सतर्क, कर सकते हैं गोपनीय शिकायत
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से अपील की है कि सामान की डिलीवरी मिलते ही पैकेट की एक्सपायरी डेट, सील और गुणवत्ता जरूर जांचें। उपभोक्ता अपनी शिकायत विभाग को ईमेल या गोपनीय माध्यम से भी दर्ज करा सकते हैं, जिस पर त्वरित जांच और सैंपलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
बोरखेड़ा निवासी लवीना का कहना है कि डिलीवरी मिलने के बाद उसकी एक्सपायरी जरूर जांचनी चाहिए। तलवंडी निवासी सीमा वर्मा के अनुसार जहां संभव हो, फल और सब्जियां खरीदते समय उनकी ताजगी खुद देखकर खरीदना बेहतर है।
किसने क्या कहा?
"सामान एक्सपायर होने से पहले ही हटा दिया जाता है। हर स्टोर में रोजाना ऑडिट होता है और खराब होने वाली सामग्री तुरंत अलग कर दी जाती है।"
- अर्पित जैन, क्लस्टर मैनेजर, Blinkit
"ब्लिंकिट समेत सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के डार्क स्टोर्स पर निरंतर जांच जारी है। शिकायत मिलने और सैंपल फेल होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
-नरेन्द्र नागर, सीएमएचओ, कोटा

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