सात वार्डों की ऑडिट में छलका लोगों का दर्द: अरमान था हमकों जिसका, वह गुल खिला नहीं!

नल, सड़क और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे लोग, विकास के दावों की जमीनी हकीकत आई सामने

सात वार्डों की ऑडिट में छलका लोगों का दर्द: अरमान था हमकों जिसका, वह गुल खिला नहीं!
ट्रांसपोर्ट नगर में जलभराव, महावीर नगर में सीवरेज चेंबर बने हादसों का खतरा; सुविधाओं के अभाव पर वार्डवासियों का फूटा गुस्सा

 कोटा। शहर के छह वार्डों की दैनिक नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्टिंग में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। चुनाव के समय बेहतर सड़क, पर्याप्त पानी, सफाई व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं के जो सपने क्षेत्रवासियों को दिखाए गए थे, वे आज भी कई इलाकों में अधूरे नजर आ रहे हैं। लोगों का दर्द साफ शब्दों में सामने आया—“अरमान था जिसका, वह गुल खिला नहीं।” करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के दावों के बावजूद वार्डों में लोग आज भी नल, पानी, सफाई और अन्य छोटी-छोटी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।

दैनिक नवज्योति की सात वार्डों में की गई जमीनी पड़ताल में सामने आया कि कई क्षेत्रों में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कहीं नलों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा तो कहीं जलापूर्ति की व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था भी वार्डवासियों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। कई स्थानों पर नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैली रहती है और लोगों को दुर्गंध व मच्छरों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

ट्रांसपोर्ट नगर में नालियों के अभाव से जलभराव
ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में नालियों का समुचित निर्माण नहीं होने से बरसात के दिनों में हालात और अधिक खराब हो जाते हैं। पानी निकासी की व्यवस्था कमजोर होने के कारण कई जगह पानी भर जाता है। लोगों का कहना है कि नालियों के निर्माण और रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। कई नालियां जाम होने के कारण बारिश के दौरान गंदा पानी सड़कों और आसपास के इलाकों में फैल जाता है। इससे आवागमन प्रभावित होता है और क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

महावीर नगर में सीवरेज चेंबर बने दुर्घटना का खतरा
महावीर नगर क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य में भी खामियां सामने आई हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार सीवरेज चेंबरों के ढक्कन सड़क की सतह के अनुरूप नहीं हैं। कहीं ढक्कन ऊपर हैं तो कहीं नीचे, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में केवल निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। खराब तरीके से किए गए कार्य लोगों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन रहे हैं।

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अनंतपुर थाने के पीछे नाले पर अतिक्रमण से बढ़ी परेशानी
अनंतपुर थाने के पीछे स्थित नाले में लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी प्रभावित होने की बात भी सामने आई। नाले की चौड़ाई और जल निकासी क्षमता प्रभावित होने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनी रहती है। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते अतिक्रमण हटाकर नाले की सफाई और उचित व्यवस्था की जाए तो जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

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वार्ड में सुविधाओं की कमी को लेकर लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। कई क्षेत्रों में न तो सामुदायिक भवन है, न लोगों की जरूरत के अनुसार डिस्पेंसरी की व्यवस्था और न ही बच्चों व बुजुर्गों के लिए पर्याप्त पार्क। वार्डवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को केवल बड़े विकास कार्यों के आंकड़े बताने के बजाय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को समझना चाहिए। लोगों का सवाल है कि यदि पांच साल में वार्डों में पानी, सफाई, सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं तो आखिर विकास किसका हुआ?

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करोड़ों के दावों के बीच बुनियादी सुविधाओं की तलाश
जनप्रतिनिधि अक्सर करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाने के दावे करते हैं, लेकिन दैनिक नवज्योति की ग्राउंड रिपोर्टिंग में कई जगहों पर अलग तस्वीर दिखाई दी। क्षेत्रवासी आज भी छोटी-छोटी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें आंकड़ों और घोषणाओं से ज्यादा जरूरत धरातल पर काम दिखने की है। साफ सड़क, बेहतर सफाई, सुचारू जलापूर्ति, मजबूत नालियां और सुरक्षित सीवरेज व्यवस्था उनकी प्राथमिक मांग है।
छह वार्डों की इस ऑडिट ने साफ कर दिया है कि विकास की तस्वीर केवल दावों से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आने वाले बदलाव से तय होती है।

पूर्व पार्षद जरीना
कार्यकाल में वार्ड में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई और करीब 9 करोड़ रुपए के कार्य करवाए गए। वार्ड में सड़कों का निर्माण कराया गया, जिससे आवागमन की सुविधा बेहतर हुई है। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी अच्छी बनी रहती है। हालांकि, अनंतपुर थाने के पीछे नाले की समस्या अभी भी बनी हुई है, जिसके समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

पूर्व पार्षद कमल मीणा
वार्ड की सबसे बड़ी समस्या जगपूरा नाले की है। नाले का आधा काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य अभी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि कार्यकाल में खेल मैदान का निर्माण, पानी की पाइपलाइन सहित कई विकास कार्य करवाए गए। सफाई व्यवस्था में कर्मचारियों की कमी के कारण परेशानी आती है, जिसे दूर करने की जरूरत है।

पूर्व पार्षद विनय कुमार
पांच वर्षों के कार्यकाल में वार्ड में कई विकास कार्य करवाए गए और लोगों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। हालांकि, वार्ड के कुछ क्षेत्रों में धीमी गति से पानी आने की समस्या आज भी बनी हुई है। ट्रांसपोर्ट नगर में जलभराव और अन्य परेशानियों को देखते हुए जल्द ही नालियों के निर्माण का कार्य करवाया जाएगा।

पूर्व पार्षद सुनील गौतम

वार्ड की सबसे बड़ी समस्या सीवरेज लाइन को गलत तरीके से डालने के कारण बनी हुई है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नालों की समस्या भी क्षेत्र में बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वार्ड के पांच कचरा पॉइंट में से चार को कचरा मुक्त कराया गया है और एक पर काम शेष है। साथ ही पार्क का निर्माण भी कराया गया।

वार्डवासी मनीष नागर
क्षेत्र में आज भी कई मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। उनका कहना है कि पांच साल पहले लोगों से जो वादे किए गए थे, उनमें से कई आज तक पूरे नहीं हो पाए हैं। वार्ड में पानी और सफाई की समस्या लगातार बनी हुई है। कई अन्य समस्याओं का भी समाधान नहीं हुआ है, जिससे वार्डवासियों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी है।

वार्ड नंबर 22 से 28 तक के क्षेत्र
वार्ड नंबर 22: टैगोर नगर, चाणक्य नगर, रानी लक्ष्मीबाई नगर, बोम्बे योजना, स्वामी विवेकानंद नगर, दीप श्री, शुभ अटलांटिस अपार्टमेंट्स, विवेकानंद नगर सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
वार्ड नंबर 23: विधायक कॉलोनी, विश्व नगर से नाले तक का क्षेत्र, रंगबाड़ी योजना सेक्टर-1 व 2, बालाजी नगर, कृष्णा नगर, नारकोटिक्स कार्यालय एवं पावर हाउस क्षेत्र शामिल हैं।
वार्ड नंबर 24: गणपति ट्रेडर्स, रंगबाड़ी का संपूर्ण क्षेत्र, रंगबाड़ी बालाजी मंदिर, विनोबा भावे नगर, अजय आहूजा नगर, मुंबई योजना एवं उड़िया बस्ती शामिल हैं।
वार्ड नंबर 25: संपूर्ण बरड़ा बस्ती, क्रेशर बस्ती, ट्रक यूनियन के पीछे का क्षेत्र, मल्टीस्टोरी क्षेत्र, ट्रक यूनियन के सामने का क्षेत्र, बॉम्बे योजना, सुभाष नगर एवं श्मशान क्षेत्र शामिल हैं।
वार्ड नंबर 26: संपूर्ण तालाब गांव, घोसी मोहल्ला, अनंतपुरा कच्ची बस्ती, अमीन भाई फार्म हाउस, संपूर्ण सुभाष विहार, पुराना अनंतपुरा थाना, आमिर कॉलोनी, देव कॉलोनी एवं राजपूत कॉलोनी शामिल हैं।
वार्ड नंबर 27: दीनदयाल नगर, सुभाष नगर प्रथम व द्वितीय, ट्रांसपोर्ट नगर तथा गोबरिया बावड़ी कच्ची बस्ती का क्षेत्र शामिल है।
वार्ड नंबर 28: कॉमर्स कॉलेज चौराहा, झालावाड़ रोड, गोबरिया बावड़ी, रेलवे लाइन क्षेत्र, रेलवे लाइन अंडरपास, कोलीपाड़ा, ओम एनक्लेव, विज्ञान नगर, श्मशान नगर, इंदिरा कॉलोनी, पंचवटी कॉलोनी एवं राजीव गांधी स्पेशल क्षेत्र शामिल हैं।

 

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