शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन बिकवाली, सेंसेक्स 32 महीने के निचले स्तर पर बंद
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी धड़ाम, निवेशकों के अरबों रुपये डूबे
मुंबई। विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल में तेजी से गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स एक हजार अंक से ज्यादा टूटकर 32 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स 29.30 अंक की बढ़त के साथ 72,668 अंक पर खुला लेकिन खुलते ही लाल निशान में चला गया। धीरे-धीरे इसकी गिरावट बढ़ती गई। एक समय यह 1,300 अंक से अधिक टूट गया था। अंत में सेंसेक्स 1,045.46 अंक (1.44 प्रतिशत) नीचे 71,593.24 अंक पर रहा जो 13 फरवरी 2024 के बाद का सबसे कम बंद स्तर है। लगभग सभी प्रमुख विदेशी बाजार आज लाल निशान में रहे। साथ ही कच्चे तेल में चार प्रतिशत की तेजी के कारण भी घरेलू शेयर बाजारों में निवेश धारणा कमजोर रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 371.25 अंक यानी 1.64 प्रतिशत लुढ़ककर 22,231.80 अंक पर रहा। यह 07 अप्रैल 2025 के बाद डेढ़ साल का निचला स्तर है। वृहत बाजार में ज्यादा बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 2.71 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 2.34 प्रतिशत उतर गया। चौतरफा बिकवाली के बीच धातु समूह का सूचकांक 3.55 प्रतिशत, रियल्टी का 3.16, मीडिया समूह का 2.79, तेल एवं गैस का 2.52, ऑटो समूह का 2.49, स्वास्थ्य का 2.33, फार्मा का 2.32, एफएमसीजी का 2.02, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद का 1.98, रसायन का 1.76 और फाइनेंस का 1.11 प्रतिशत की गिरावट में रहा।
सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी का शेयर सवा चार प्रतिशत टूट गया। इंडिगो, पावरग्रिड और बीईएल में तीन से साढ़े तीन प्रतिशत की गिरावट रही। अडानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी और भारती एयरटेल के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक चढ़े। एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस के शेयर एक से दो प्रतिशत तक के नुकसान में रहे। कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, टाइटन और ट्रेंट के शेयर भी नीचे रहे।

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