लगातार चौथे दिन शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 571 अंक टूटा; निफ्टी 22,422 पर बंद, ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली
आरबीआई मौद्रिक नीति और रेपो दर बढ़ने की आशंका से बाजार पर दबाव
मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार चौथे दिन गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद तेज बिकवाली के दबाव में 570.59 अंक (0.79 प्रतिशत) टूटकर 71,909.70 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत उतरकर 22,421.95 अंक पर रहा। यह लगातार चौथा दिन है जब दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए हैं। सेंसेक्स का यह डेढ़ साल का और निफ्टी-50 का छह महीने का निचला स्तर है।
कारोबारियों ने बताया कि रिजर्व बैंक की अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में वृद्धि की आशंका में शेयर बाजारों में निवेश धारणा कमजोर बनी हुई है। इसका असर वृहत बाजार में भी देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.11 प्रतिशत और समॉलकैप-100 सूचकांक 0.97 प्रतिशत लुढ़क गया। निफ्टी आईटी को छोड़कर सेक्टर आधारित अन्य सभी सूचकांक लाल निशान में रहे। निफ्टी ऑटो 3.46 प्रतिशत की गिरावट में रहा। धातु में 2.35 प्रतिशत, मीडिया में 2.33, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद में 1.91, एफएमसीजी में 1.61, रसायन में 1.48, रियल्टी में 1.46 और तेल एवं गैस समूह में 1.32 प्रतिशत की गिरावट रही।
सेंसेक्स में आईटी कंपनियों और चुनिंदा निजी बैंकों को छोड़कर अन्य सभी कंपनियों में गिरावट रही। मारुति सुजुकी का शेयर साढ़े चार प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा में सवा तीन फीसदी और टाटा स्टील में तीन फीसदी की गिरावट रही। अडानी पोर्ट्स, आईटीसी, पावरग्रिड और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयर दो से तीन प्रतिशत के बीट टूटे।
इटरनल, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, टाइटन और इंडिगो ने एक से दो प्रतिशत का नुकसान उठाया। एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, ट्रेंट, भारतीय स्टेट बैंक और सन फार्मा के शेयर भी नीचे बंद हुए।
इंफोसिस का शेयर सबसे अधिक चार प्रतिशत चढ़ा। टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एचडीएफसी बैंक के शेयर एक से डेढ़ फीसदी तक टूट गए। कोटक महिंद्रा बैंक और टेक महिंद्रा के शेयर भी हरे निशान में रहे।

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