‘दुनिया में महंगा, भारत में सस्ता’... लाल किले से मोदी ने गिनाईं आत्मनिर्भर भारत की ताकत, महंगी कोचिंग से राहत; देशभर में फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क

एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल का मिलेगा प्रशिक्षण

‘दुनिया में महंगा, भारत में सस्ता’... लाल किले से मोदी ने गिनाईं आत्मनिर्भर भारत की ताकत, महंगी कोचिंग से राहत; देशभर में फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क
80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत और 'मेक इन इंडिया' पर जोर दिया। उन्होंने सेमीकंडक्टर प्लांट्स, ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति, युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और एक करोड़ युवाओं को एआई (AI) प्रशिक्षण देने की महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत को आज के माहौल में दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए अपने हितों की स्वयं रक्षा करनी है और इसके लिए हमें आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना होगा। पीएम मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि सबकी भागीदारी के संकल्प के साथ देश आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज माहौल बदल है और हर भारतीय'मेक इन इंडिया','स्वदेशी' जैसे अभियानों से जुड़ रहा है।

डिजिटल तकनीकी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौर में चिप का महत्व बहुत अधिक है। इलेक्ट्रॉनिक सामान, चिकित्सा उपकरणों और परिवहन प्रणालियों सहित अनेक क्षेत्रों में चिप अनिवार्य है। भारत ने इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम बढ़ाते हुए है तीन प्रमुख सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किये हैं और इनमें उत्पादन शुरू होकर निर्यात भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले सात-आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने की संभावना है।

संकट में काम आयीं पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं
 
इसके आगे पीएम मोदी ने कहा सरकार ने पिछले 10-12 साल में 'नागरिक देवो भव' के मंत्र के साथ जो सुधार किये और जो नीतियां अपनायीं, उसी का परिणाम है कि कोरोना महामारी तथा पश्चिम एशिया के संकट के बावजूद देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 साल में दुनिया में कई संकट आये। कोरोना ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। उसके बाद यूक्रेन और पश्चिम एशिया के युद्ध आये। हर जगह तनाव का माहौल था। 'भविष्य वक्ताओं' ने तो कहा कि वैक्सीन नहीं मिलेगी, कोविड में लोग बचेंगे नहीं, पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा, गैस नहीं मिलेगी। उन्होंने देश को डराने का काम किया, इसी में उन्हें आनंद आता है। 

उन्होंने कहा, देश ने देख लिया कि पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं रंग ला रही हैं। 'नागरिक देवो भव' के मंत्र को लेकर जीते हुए भारत ने पिछले 10-12 साल में जो तैयारियां की थीं, एक के बाद एक जो कदम उठाये थे, वे सभी चीजें काम आ गयीं। आज देश में पेट्रोल भी है, डीजल भी है, गैस भी है, यूरिया भी है। हम अपनी ताकत के बल पर चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के इस संकट का प्रभाव हर किसी पर हुआ है और भारत भी अछूता नहीं है। एक बोरी यूरिया की कीमत दुनिया में तीन हजार रुपये पर पहुंच गयी है, लेकिन देश में किसानों पर वह बोझ न डालकर आज भी उन्हें सिर्फ 300 रुपये में यूरिया की बोरी दी जा रही है। डीएपी की कीमत दुनिया में पांच हजार रुपये है जो देश के किसानों को 1,350 रुपये में दी जा रही है।

Read More ईरान के नए सुप्रीम लीडर का वीडियो जारी : पिता की मौत के बाद पहली बार दिखे मोजतबा खामेनेई, फुटेज की पुष्टि नहीं

उन्होंने कहा कि संसाधन के कारण देश रुकता नहीं है, कई बार इसका कारण सोच होती है। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसी सोच के कारण समुद्री तट का हमारा हिस्सा 90 प्रतिशत हिस्सा 'नो गो एरिया' घोषित कर दिया गया था। यह सोच का दारिद्र था। उनकी सरकार ने उसे 'गो अहेड एरिया' के रूप में खोल दिया है। हम समुद्र के अंदर भी नये-नये भंडार खोजने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

Read More माइक वाल्ट्ज का दावा: गाजा योजना के क्रियान्वयन और समय-सीमा पर मतभेदों को सुलझाने का प्रयास कर रहे अमेरिका-इजरायल

पीएम मोदी ने कहा, बीते वर्षों में सरकार का ध्येय रहा है कि हमें अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है, हमें आत्मनिर्भर होना चाहिये। दुनिया में बहुत कुछ मिलता है, सस्ता मिलता है, लेकिन उससे हमारा सामाथ्र्य नहीं बनता है। हमें भी अपनी क्षमता बढ़ानी है। मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल जैसे क्षेत्रों में आज हर भारतीय का मन जुड़ चुका है। सेमीकंडक्टर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले सेमीकंडक्टर की बातें होती थीं, लेकिन हम उसमें आगे नहीं बढ़ सके। आज की दुनिया में हर इलेक्ट्रॉनिक, मेडिकल और परिवहन उपकरण में चिप जरूरी है। देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो गये हैं। वहां से निर्यात भी शुरू हो चुका है। आने वाले सात-आठ साल में और पांच-छह सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पूरी सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी क्रिटिकल मिनरल पर आधारित हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने कई देशों के साथ इसके लिए समझौते किये हैं। 

Read More चित्तौड़गढ़ में बारिश ताबड़-तोड़, 9 इंच से ज्यादा पानी बरसा

अगले 10 साल में पांच नये परमाणु ऊर्जा संयंत्र शुरू करने का लक्ष्य

ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों की सोच के कारण देश ऊर्जा के लिए विदेशों पर निर्भर है। पिछले 12 साल में ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए उनकी सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाये हैं। सरकार ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए 'शांति विधेयक' पारित किया है। उन्होंने कहा, वर्ष 2047 तक हमने 100 गीगावाट का लक्ष्य रखा है। इसी दशक में पांच नये परमाणु ऊर्जा संयंत्र का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। ब्रीडर रिएक्टर से परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है। 

उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले देश में सिर्फ 70 शहरों में पाइप से गैस की व्यवस्था थी। बारह साल में उनकी सरकार ने इसे 700 शहरों तक पहुंचा दिया है। यह होती है रफ्तार, यह होता है विस्तार। आज पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस की आपूर्ति की जा रही है। साल 2014 में सौर ऊर्जा क्षमता मात्र दो गीगावट थी। आज 160 गीगावाट का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है। उसका लाभ गरीबों और मध्यम वर्ग को देने के लिए पीएम सूर्यघर योजना शुरू की गयी है, जिसमें 50 लाख घरों का आंकड़ा पार हो चुका है। इसके कारण हजारों घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। इतना ही नहीं वे अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर रहे हैं। इस काम के लिए हर परिवार को सरकार 80 हजार रुपये की मदद दे रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे के विद्युतीकरण का काम 1925 में शुरू हुआ था। अगले 90 साल में सिर्फ 30 प्रतिशत रेल का विद्युतीकरण हुआ था। उन्होंने कहा, हमारी रफ्तार देखिये, हमने एक दशक के अंदर शत-प्रतिशत काम पूरा कर दिया। यह होता है काम। इसके कारण डीजल जो हमें बाहर से लाना पड़ता है, उसकी बचत हुई, पर्यावरण को फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार यहीं नहीं रुकी। देश ने हाइड्रोजन से चलने वाली पहली ट्रेन शुरू कर दी है। यह सबसे लंबी सबसे ताकतवर ट्रेन है। भारत ने हाइड़्रोजन ट्रेन के क्षेत्र में भी अपना झंडा गाड़ दिया है।  

परीक्षाओं के लिए युवाओं को फ्री ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए देश में निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने तथा एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देने की घोषणा की है। मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विषय को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए यह घोषणा की। देश में बढते महंगे कोचिंग व्यवसाय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह मध्यम वर्ग के लिए बड़ा बोझ बन गया है। उन्होंने कहा कि इस बोझ को दूर करने के लिए सरकार देश भर में युवाओं के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क बनायेगी। 

प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे मध्यम वर्ग के लिए कोचिंग क्लास की स्पर्धा बहुत बड़ा बोझ बन चुकी है। मां-बाप को लग रहा है कि यदि कोचिंग क्लास में बच्चे को नहीं भेजा तो हम प्रतिष्ठित परिवार नहीं हैं। सरकार ने इन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता की है। उनका हजारों करोड़ रुपये का खर्च भी बचे और उनके बच्चे भी उनके आसपास रहे सके, उनकी देखभाल हो सके, परिवार पर आर्थिक बोझ न आये और इसलिए हमने युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री आनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने का  निर्णय लिया है। 

उन्होंने कहा, देश में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर है, उत्तम प्रतिभा और शिक्षक हैं। इन संसाधनों को जोड़कर हम देश के नौजवानों को फ्री कोचिंग देने का नेटवर्क खड़ा करेंगे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर यह घोषणा भी की कि दुनिया भर में एआई की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए तथा युवाओं को इसमें निपुण बनाने के लिए एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने के विरोध में देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ और सरकार को छात्रों तथा युवा प्रदर्शनकारियों की मांग के आगे झुकना पड़ा। इसके कारण शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। 

एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल का मिलेगा प्रशिक्षण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि हमारे देश का नौजवान एआई की दुनिया में नेतृत्व करने का सामथ्र्य विकसित कर सके। पीएम मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि भारत के युवा इस तेजी से उभरते क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि 35 साल बाद देश में नयी शिक्षा नीति लेकर आये हैं, जिसका फायदा मध्यम वर्ग के परिवारों को हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 350 से भी कम थी, आज 10-12 साल के भीतर-भीतर 650 नये विश्वविद्यालय खुल चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले मेडिकल शिक्षा के सिर्फ चार सौ कालेज हुआ करते थे, आज करीब 850 कालेज हो गये हैं। उन्होंने कहा कि भारत में विदेशी विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। देश के नौजवानों को विदेशी शिक्षण संस्थानों से डिग्री मिले, इसका भी प्रबंध हो चुका है। 

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के युवा का मन बचपन से ही तकनीक की तरफ आकर्षित हो, इस दिशा में काम कर रहे हैं, इसलिए देश में 10 हजार से अधिक अटल टिकरिंग लैब छोटे-छोटे बच्चों के हवाले कर दिया है, ताकि उनका नवाचार और तकनीक की तरफ रुझान पैदा हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, कौशल, स्टार्टअप और नयी तकनीकों के क्षेत्र में हो रहे विस्तार से देश के युवाओं के लिये नये अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से इन अवसरों का लाभ उठाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। 

Post Comment

Comment List

Latest News

80वें स्वतंत्रता दिवस पर देवनानी ने किया विधानसभा में ध्वजारोहण, कहा राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक का दायित्व 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देवनानी ने किया विधानसभा में ध्वजारोहण, कहा राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक का दायित्व
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानसभा भवन में ध्वजारोहण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को...
लाल किले पर बदला आजादी का अंदाज, पहली बार शुरुआत और समापन पर गूंजा ‘वंदेमातरम्’
भीलवाड़ा: स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिखा देशभक्ति का जज्बा,​ डिप्टी सीएम बैरवा ने किया ध्वजारोहण ; पुलिस-प्रशासन और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
लाल किले से मोदी का सप्तधारा मंत्र : हथियारबंद नक्सलवाद खत्म, अब 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत 
स्वतंत्रता दिवस 2026 : बड़ी चौपड़ पर जूली ने फहराया तिरंगा, संविधान की रक्षा का आह्वान
‘दुनिया में महंगा, भारत में सस्ता’... लाल किले से मोदी ने गिनाईं आत्मनिर्भर भारत की ताकत, महंगी कोचिंग से राहत; देशभर में फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क
स्वतंत्रता दिवस : पीसीसी मुख्यालय में डोटासरा ने फहराया तिरंगा, कार्यकर्ताओं से संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान