अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 8 आरोपी गिरफ्तार, चंपत राय का ड्राइवर मुख्य साजिशकर्ता
बड़ा खुलासा
अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रामजन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने शिकायत दर्ज करवाई थी और उसी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उच्चाधिकारियों के द्वारा उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि इस प्राथमिकी में ट्रस्ट के किसी भी उच्च पदाधिकारियों के नाम शामिल नही है। मगर पुलिस को सभी पर शक है।
प्राथमिकी में रामशंकर यादव टिन्नू, ट्रस्ट कर्मी अनुकल्प मिश्र, इसका बहनोई लवकुश मिश्र, टिन्नू का भतीजा मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल व रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव आदि का नाम शामिल है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी किसी ना किसी की सिफारिश पर नोटों की गिनती करने के काम पर लगाए गए थे। पुलिस ने आगे बताया है कि जब ये लोग नोटों की गिनती करके शाम को अपने अपने घर जाते थे तो उस समय कोई भी इनकी तलाशी नहीं लेता था और इसी का फ़ायदा इन लोगों ने उठाया और इस वारदात को काफी समय से अंजाम देते रहे।
कौन किसका रिश्तेदार
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच एजेंसियों ने आठ आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की है। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, जो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का चालक बताया जाता है, पर गणना कक्ष और दान पात्रों की चाबियों की जिम्मेदारी होने के कारण चोरी की साजिश का प्रमुख किरदार होने का आरोप है।
जांच के अनुसार, गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव ने कथित तौर पर अन्य लोगों को इस पूरे नेटवर्क से जोड़ा। वहीं अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला और रमाशंकर मिश्र भी दान राशि की गणना में शामिल थे। जांच के दौरान कई आरोपियों के घरों और बैंक खातों से कथित तौर पर चोरी की रकम बरामद होने का दावा किया गया है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इसके साथ ही बता दें कि 6 जून को राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था, जिसके बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।

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