खेतों में तैयार खड़ी व कटी पड़ी फसलों को बारिश ने किया बर्बाद
किसानों के सामने परिवार के पालन पोषण की समस्या
मांगरोल। मांगरोल तहसील क्षेत्र में बरसात से फसलें तबाह हो गई। धान की फसल खेतों में आडी पड़ गई वहीं सोयाबीन, उड़द मूंग की फसलों की पक्की पकाई फलिया तने से टूटकर जमीदोज हो गई और जो फसल कटकर खेतों में सुखने के लिए रखी हुई थी वह पानी से पूरी तरह भीगकर खेतों की मिट्टी में चिपक गई है जिससे फसलों की फलियों में आई सीलन की वजह से उनके अंदर पक्के हुए दानों के गलने सड़ने के साथ अंकुरित होने की प्रबल संभावना बन गई है।ग्राम बोहत, ईश्वरपुरा, रूंडि,झाडवा,मोतीपुरा, भगवानपुरा हिंगोनिया,श्यामपुरा,महुवा, हरसौली, भटवाड़ा सिंधनिया, जेतलहेडि, महलपुर, मोरडी, जड़ाव दिया, रिंझिया, झारेला, भावगढ़, बालुंदा,जलोदा तेजाजी,बोरदा, माल बमोरी,मऊ,हरसोली, उदपुरीया, पापडली, चेनपुरिया, शाहपुरा, मुंडला मुंडली, भोज्याहेडी, सीमलिया, केकाखेडी सहित मांगरोल व सीसवाली क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गुरुवार रात से ही अचानक हवाओं के साथ हुई तेज बारिश ने किसानों के खेतों में पक्की पकाई, खड़ी फसलों को काफी क्षति पहुंचाई है।
फसलों को ढकने व बचाने का भी नहीं मिला मौका
कही-कहीं जगह पर तो किसानों द्वारा अपनी तैयार फसलों की कटाई करके उन्हें अपने खेत, खलिहानों में खुले में सुखा रखा था लेकिन एकाएक रात में आई तेज बारिश ने किसानों को अपनी फसलों को ढकने व बचाने तक का मौका भी नहीं दिया। जिसके कारण किसानों को पकी पकाई फसलों में बड़े पैमाने पर नुकसान उठाना पड़ा है। सयुंक्त किसान संघर्ष समिति के संयोजक रामचन्द्र मीणा, राजेन्द्र सुमन मोतीपुरा, राम लखन मीणा, गंगाधर भगवानपुरा, विक्रम जाट, बोहत, महावीर हिंगोनिया ने बताया कि इस साल लगातार हो रही बारिश ने शुरूआती दौर से ही किसानों की फसलों पर कहर बरपाया है। समिति के मीडिया प्रभारी महावीर मूडली जगदीश मऊ, महावीर नागर शोभाग धाकड़, विनोद पापडली सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि किसानों को कई बार धरना प्रदर्शन करने के बाद भी गत वर्ष खरीफ की फसलों का आज तक पूरा मुआवजा व बीमा क्लेम किसानों को नहीं मिल पाया है। ऊपर से वर्तमान में हुई इस बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। समिति से जुड़े किसानों ने मांग की है कि जिला कृषि विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से पंचायत स्तर पर तैनात कृषि पर्यवेक्षकों को खराबे की ग्रामवाइज, रिपोर्ट बनाने के लिए निर्देशित करे तथा खराब हुई फसलों का बीमा क्लेम व मुवावजा क्षेत्र के किसानों को मिल सके। किसानों ने चेतावनी दी है की तत्काल, खराबे का बीमा क्लेम व किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी नहीं होती हैं तो किसान क्षेत्र में बड़े आंदोलन के लिए अग्रसर होंगे।

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