मंडे को 22, ट्यूजडे को 1 वोट! बस्सी में कहां गए भाजपा के वोट
भाजपा की जीत के बाद उपाध्यक्ष चुनाव में उलटफेर
जयपुर। सियासत का खेल भी गजब है। जयपुर जिले की बस्सी नगर पालिका में महज 24 घंटे के भीतर ही चुनावी गणित ने ऐसा पलटा खाया कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई। सोमवार को अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी निर्मला खोलिया को 22 वोट मिले और उन्होंने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। लेकिन मंगलवार को उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट मिलने की बात सामने आई है। यानी जिस बोर्ड में भाजपा के 15 पार्षद हैं, उसी बोर्ड में अध्यक्ष चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी को पार्टी की संख्या से सात वोट ज्यादा मिले थे, जबकि अगले ही दिन उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा के खाते में महज एक वोट रह गया।
एक दिन में 21 वोट का सियासी सफर! : बस्सी नगर पालिका में कुल 35 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम में भाजपा के 15, कांग्रेस के 12 और निर्दलीय 8 पार्षद निर्वाचित हुए थे। अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 18 था। इसके बावजूद भाजपा की निर्मला खोलिया को 22 वोट मिले। यानी भाजपा को अपने पार्षदों की संख्या से 7 वोट अधिक मिले और वह अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हो गईं। लेकिन उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के खाते में महज एक वोट आने की सूचना ने पूरे चुनावी गणित को उलझा दिया है।
अध्यक्ष चुनाव में भाजपा को अतिरिक्त समर्थन कहां से मिला और अगले ही दिन वही समर्थन उपाध्यक्ष के चुनाव में कहां चला गया, यह सवाल राजनीतिक रूप से सबसे दिलचस्प है। 35 सदस्यीय बोर्ड में किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है, इसलिए निर्दलीय पार्षदों का रुख महत्वपूर्ण हो जाता है। बस्सी का चुनावी गणित- कुल पार्षद 35, भाजपा 15, कांग्रेस 12, निर्दलीय 8, बहुमत का आंकड़ा 18, अध्यक्ष चुनाव में भाजपा 22 वोट उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा 1 वोट: अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के बीच अंतर 21 वोट।

Comment List