दीपोत्सव पर रंग-बिरंगी आतिशबाजी का बाजार तैयार, आसमान में बिखरेंगी खुशियां
डिस्काउंट को लेकर ग्राहक भ्रमित
जयपुर। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही गुलाबी नगरी के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। घरों को रोशन करने के साथ आसमान को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाने की तैयारी जोरों पर है। बच्चों से लेकर बड़ों तक में आतिशबाजी को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। बाजार में इस बार भी रंगीन रोशनी, आकर्षक फव्वारों और आसमान में चमक बिखेरने वाले पटाखों की मांग बनी हुई है। डिस्काउंट को लेकर ग्राहक भ्रमित है। कीमतों में 70 प्रतिशत तक छूट का दावा करने वाले व्यापारी ग्राहकों को आकषित करते में जुटे है। जबकि मार्केट में बिकने वाली आतिशबाजी पर कई गुणा अधिक एमआरपी अंकित होती है। नए डिजाइन और आकर्षक इफेक्ट वाले उत्पाद ग्राहकों को लुभा रहे हैं। अनार, चकरी, फुलझड़ी, रॉकेट और रंगीन रोशनी वाले पटाखों के प्रति खास आकर्षण है। पटाखा विक्रेता राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि दीपावली के नजदीक आते ही खरीदारी में और तेजी आएगी। इस बार सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
ग्रीन पटाखे क्या होते हैं ?
ग्रीन पटाखे ऐसे आतिशबाजी उत्पाद होते हैं, जिन्हें पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाने के उद्देश्य से विकसित किया जाता है। इनमें धूल और हानिकारक उत्सर्जन कम करने वाली तकनीक का इस्तेमाल होता है।
ग्रीन पटाखों के प्रमुख प्रकार :
ग्रीन अनार: कम धुआं और रंगीन रोशनी।
ग्रीन फुलझड़ी: चमकदार रोशनी के साथ अपेक्षाकृत कम उत्सर्जन।
ग्रीन चकरी: घूमती हुई रंगीन रोशनी।
ग्रीन पेंसिल: फव्वारे जैसी रोशनी देने वाले पटाखे।
ग्रीन स्काई शॉट्स: आसमान में रंगीन रोशनी बिखेरने वाले पटाखे।
कैसे पहचानें ?
असली ग्रीन पटाखों पर सीएसआईआर नीरई की निर्धारित क्यूआर कोड और प्रमाणन संबंधी जानकारी देखें। केवल ग्रीन लिखा होना पर्याप्त नहीं है।

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