तकनीकी दौर में हिन्दी की प्रासंगिकता और संभावनाओं पर मंथन: बीएसएनएल में राजभाषा विचार गोष्ठी, अधिकारियों-कर्मचारियों से अधिकाधिक कार्य हिन्दी में करने की अपील
तकनीकी युग में हिंदी की प्रासंगिकता पर चर्चा
जयपुर। बीएसएनएल के जयपुर स्थित सभी कार्यालयों में 14 से 28 सितंबर तक संयुक्त रूप से मनाए जा रहे हिन्दी पखवाड़े के तहत बुधवार को राजभाषा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में बदलते सामाजिक एवं तकनीकी परिदृश्य में हिन्दी के भविष्य, प्रासंगिकता और संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता पूर्व आईपीएस अधिकारी और साहित्यकार हरिराम मीणा तथा विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता राजस्थान विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मीता शर्मा ने हिन्दी भाषा की वर्तमान स्थिति, दिशा, प्रयोग और भविष्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बदलते तकनीकी एवं सामाजिक परिवेश में हिन्दी के सामने मौजूद चुनौतियों के साथ भाषा के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएसएनएल राजस्थान परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक विक्रम मालवीय ने की। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कार्यालयीन कार्यों में अधिकाधिक हिन्दी भाषा का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजभाषा का प्रभावी प्रयोग तभी बढ़ेगा, जब इसे दैनिक कार्यप्रणाली का सहज हिस्सा बनाया जाएगा।
मुख्य अतिथि हरिराम मीणा का स्वागत मुख्य महाप्रबंधक विक्रम मालवीय ने किया, जबकि विशिष्ट अतिथि डॉ. मीता शर्मा का स्वागत प्रधान महाप्रबंधक दीपक गुप्ता ने किया। स्वागत उद्बोधन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) रविन्द्र कुमार ने दिया।
कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक (नेटवर्क), जयपुर बीए, महेश चंद मीणा ने अतिथियों एवं उपस्थित बीएसएनएल कार्मिकों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन राजभाषा अधिकारी सीमा गुप्ता ने किया, जबकि कार्यक्रम समन्वय राजभाषा अधिकारी दौलतराम ने किया। गोष्ठी में बीएसएनएल के बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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