जयपुर में बटर का 'क्राइसिस': अमूल की सप्लाई ठप, होटलों-रेस्टोरेंट में मची त्राहि-त्राहि; सरस बना सहारा
होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबारियों की चिंताएं बढ़ी
जयपुर। राजधानी जयपुर के बाजारों में इन दिनों मक्खन (बटर) का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। त्योहारों और शादियों के सीजन से ठीक पहले बाजार से अमूल बटर लगभग गायब है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस शॉर्टेज की मुख्य वजह दूध के उत्पादन में आई कमी को बताया जा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि स्थानीय ब्रांड 'सरस' की सप्लाई बाजार में सुचारू बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ सहारा मिल रहा है।
बाजार के जानकारों और डेयरी प्रतिनिधियों से मिली बातचीत के आधार पर शहर में बटर संकट की जमीनी हकीकत कुछ इस तरह है:
500 ग्राम पैक दो महीने से गायब : अमूल आइसक्रीम से जुड़े सम्यक जैन के मुताबिक, पिछले दो महीनों से बटर की सप्लाई बेहद शॉर्ट है। सबसे ज्यादा मांग वाले 500 ग्राम के कमर्शियल पैक की आवक पिछले दो महीने से पूरी तरह ठप है। होटल और रेस्टोरेंट पूरी तरह इसी पैक पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा घरेलू उपयोग में आने वाले 100 ग्राम और 200 ग्राम के पैक भी कभी-कभार ही दुकानों पर नजर आ रहे हैं।
दूध-छाछ को प्राथमिकता, बटर पर ब्रेक : अमूल के ब्रांच मैनेजर आशुतोष गर्ग ने पुष्टि की है कि इस बार दूध की कमी के चलते यह किल्लत बनी हुई है। कंपनियों की पहली प्राथमिकता आम जनता तक रोजाना का दूध और छाछ पहुंचाना है, जिसके कारण बटर के प्रोडक्शन पर असर पड़ा है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि शॉर्ट सप्लाई के बावजूद कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है और बटर पुरानी दरों पर ही बिक रहा है।
सरस के पास भरपूर स्टॉक : अमूल की किल्लत के बीच स्थानीय सरस डेयरी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। डियर पार्क स्थित सरस डेयरी बूथ संचालक राकेश टेकचंदानी ने बताया कि बाजार में सरस बटर की भरपूर आवक बनी हुई है।
कीमतों का गणित :
सी-स्कीम स्थित बगड़िया भवन के गुप्ता स्टोर में कार्यरत महेंद्र योगी ने बताया कि बाजार में सबसे ज्यादा मांग अमूल बटर की ही रहती है, लेकिन सप्लाई न होने से ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वर्तमान में दोनों ब्रांड्स की कीमतें इस प्रकार हैं:
अमूल बटर: 100 ग्राम - ₹63 | 500 ग्राम - ₹310 (सप्लाई बेहद कम)
सरस बटर: 100 ग्राम - ₹56 (स्टॉक में उपलब्ध)
आने वाले दिनों में यदि दूध की आवक नहीं सुधरी, तो त्योहारी सीजन में बेकरी और फास्ट फूड इंडस्ट्री पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

Comment List