श्रद्धालुओं और पर्यटन को मिलेगा बड़ा लाभ : अम्बाजी दर्शन की राह होगी आसान, राजस्थान-गुजरात को जोड़ेगी नई रेल लाइन
116 किमी के तारंगाहिल-अम्बाजी-आबूरोड प्रोजेक्ट पर तेज हुआ काम
जयपुर। गुजरात के प्रसिद्ध अम्बाजी शक्तिपीठ जाने वाले राजस्थान के लाखों श्रद्धालुओं के लिए जल्द ही रेल यात्रा अधिक सुविधाजनक होने वाली है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने तारंगाहिल-अम्बाजी-आबूरोड नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी ला दी है। करीब 116 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन पर लगभग 2798 करोड़ रुपए की लागत से काम चल रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद राजस्थान और गुजरात के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा तथा धार्मिक, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
तेजी से चल रहे कार्य:
परियोजना के शुरुआती 30 किलोमीटर हिस्से में अर्थवर्क लगभग पूरा हो चुका है। ब्लैंकेटिंग का कार्य 75 प्रतिशत से अधिक और छोटे-बड़े पुलों का निर्माण 80 प्रतिशत से ज्यादा पूरा किया जा चुका है। अम्बाजी देश के 51 शक्तिपीठों में शामिल धार्मिक स्थल है, जहां हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
2798 करोड़ रुपए की लागत
तारंगाहिल-अम्बाजी-आबूरोड नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी ला दी है। करीब 116 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन पर लगभग 2798 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
अमित सुदर्शन, सीपीआरओ
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
116 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन।
कुल 15 रेलवे स्टेशन ;8 क्रॉसिंगए 7 हाल्ट।
13 सुरंगें, 54 बड़े और 188 छोटे पुल।
14 रोड ओवरब्रिज तथा 79 रोड अंडरब्रिज-एलएचएस।
पूरी तरह विद्युतीकृत रेल मार्ग।
अम्बाजी स्टेशन सहित कई स्टेशन भवनों का निर्माण प्रगति पर।
क्षेत्र को मिलेंगे ये बड़े फायदे
अहमदाबाद-आबूरोड के बीच वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध होगा।
सिरोही, साबरकांठा, बनासकांठा और मेहसाणा जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
निर्माण के दौरान करीब 40 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।
डेयरी, मार्बल और स्थानीय उद्योगों को परिवहन सुविधा मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन बढ़ने के साथ क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

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