फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग ऐप से 12.09 करोड़ की ठगी, मुंबई से महिला साइबर ठग गिरफ्तार
वर्चुअल वॉलेट में काल्पनिक लाभ दिखाकर उसका विश्वास जीता
जयपुर। स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12.09 करोड़ रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में मुंबई से गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (जीएलएलएफएल) की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए उपयोग किए गए वर्चुअल मचेंर्ट खातों के संचालन में कम्पनी की अहम भूमिका सामने आई है जबकि मुख्य आरोपी जयंता रॉय सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। एडीजी साइबर क्राइम संजय अग्रवाल ने बताया कि 9 दिसंबर 2025 को दर्ज मामले में शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी वेबसाइट पर गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया था। आरोपियों ने विभिन्न बैंक और वर्चुअल खातों में 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपए जमा कराकर धोखाधड़ी की। जांच में सामने आया कि शुरुआत में निवेशक के वर्चुअल वॉलेट में काल्पनिक लाभ दिखाकर उसका विश्वास जीता गया।
बाद में अधिक निवेश कराने के साथ निकासी के समय आयकर, प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट अनफ्रीज और अन्य शुल्कों के नाम पर लगातार रकम वसूली जाती रही लेकिन निवेश की राशि वापस नहीं लौटाई गई। तकनीकी और वित्तीय जांच में पता चला कि साइबर ठगी में इस्तेमाल वर्चुअल मचेंर्ट खाता प्राइम इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को उपलब्ध कराया गया था, जिसका संचालन जीएलएलएफएल के माध्यम से किया जा रहा था। इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोटिंर्ग पोर्टल 1930 पर कई राज्यों से शिकायतें मिली हैं। साइबर थाना जयपुर की टीम ने मुंबई पहुंचकर दिव्या सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया। अदालत से पांच दिन का पुलिस रिमांड मिलने के बाद मनी ट्रेल, डिजिटल साक्ष्यों और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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