पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का निधन: सीएम भजनलाल, बागड़े, जूली सहित इन दिग्गज नेताओं ने जताया दुख
59 वर्ष के थे और करीब पांच माह से कैंसर से पीड़ित थे
छात्र राजनीति से उठकर मंत्री पद तक पहुंचे भड़ाना अपनी साफगोई और जनसंपर्क के लिए जाने जाते थे। उनके निधन पर जिले में शोक की लहर है।
जयपुर। राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और थानागाजी से दो बार भाजपा विधायक रहे हेम सिंह भड़ाना का सोमवार सुबह 7 बजे निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे और करीब पांच माह से कैंसर से पीड़ित थे। उनका निधन अलवर के एक निजी अस्पताल में हुआ। अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर 12 बजे उनके पैतृक गांव किशनगढ़बास के बघेरी में किया जाएगा। छात्र राजनीति से उठकर मंत्री पद तक पहुंचे भड़ाना अपनी साफगोई और जनसंपर्क के लिए जाने जाते थे। उनके निधन पर जिले में शोक की लहर है।
वह कैंसर से पीड़ित थे। गत दिनों उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया था। वह गुडग़ांव में कई दिन तक भर्ती रहे थे। वह अपने पीछे पूरा भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। हेमसिंह भडाना का जन्म सात फरवरी 1966 को हुआ था। वह वर्ष 2008 और 2013 में थानागाजी से विधायक रहे ।
वह लंबे समय से बीमार थे। आज सुबह करीब छह बजे उनकी तबीयत अचानक खराब हुई। इसके बाद परिजन इन्हें गंभीर अवस्था में अलवर के हरीश अस्पताल लेकर गये जहां चिकित्सकों ने उन्हें जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के संचालक डॉक्टर हरीश गुप्ता ने बताया कि करीब सात बजे अस्पताल लेकर आए थे तब तक उनका निधन हो चुका था। परिजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाएगा। अलवर और खैरथल में आज भाजपा के होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, हेमसिंह भड़ाना ने राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की। वर्ष 2008 से वर्ष 2013 तक तेरहवीं विधानसभा के सदस्य रहे। इस दौरान पुस्तकालय समिति राजस्थान विधानसभा, पिछड़े वर्ग के कल्याण समिति के सदस्य रहे। इसके बाद वर्ष 2013 से 2018 तक चौदहवीं विधानसभा के सदस्य रहे। वर्ष 2014 को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री बनाए गए। इसके बाद उपभोक्ता मामलों का मंत्री का प्रभार दिया गया। वर्ष 2016 में मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान इन्हें मुद्रण एवं लेखन सामग्री एवं स्टेट मोटर गैराज और संपदा विभाग का मंत्री बनाया गया। इनके पास सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी था।
हेमसिंह भड़ाना शुरू से ही छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। वर्ष 1991 से लेकर 1992 तक राजकीय कला एवं विधि महाविद्यालय अलवर छात्र संघ के अध्यक्ष रहे। 10 फरवरी 2005 को पंचायत समिति किशनगढ़ बास के प्रधान बने। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व मंत्री हेम सिंह भडाना के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल बागडे ने ईश्वर से दिवगंत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
सीएम शर्मा ने भडाना के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री हेम सिंह भडाना के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भडाना जी ने सदैव जनिहत और प्रदेश के विकास को प्राथमिकता दी। उनका निधन भाजपा परिवार और राजस्थान की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सोमवार को पूर्व मंत्री एवं थानागाजी के पूर्व विधायक हेमसिंह भड़ाना के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त् किया। कांग्रेस के प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाचार अत्यंत दु:खद है। इस दु:ख की घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्होंने कहा, ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और परिवारजनों को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पूर्व मंत्री हेम सिंह भडाना के निधन पर शोक व्यक्त किया है। देवनानी ने अपने शोक संदेश में कहा कि भडाना एक अनुभवी जननेता थे, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में रहते हुए सदैव जनहित और प्रदेश के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य किया। उनका निधन प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। इसके आगे उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की तथा इस कठिन समय में उन्हें धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की।

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