नगरीय विकास विभाग के अधीनस्थ संस्थाओं को केंद्र से सीधे पत्राचार पर रोक, निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के आदेश
20 जुलाई 2024 को पूर्व में ही विस्तृत एसओपी जारी
नगरीय विकास विभाग ने एक आदेश जारी करते हुए विभाग की सभी अधीनस्थ संस्थाओं को भारत सरकार के विभिन्न विभागों से सीधे पत्राचार करने पर रोक। प्रमुख शासन सचिव डॉ. देवाशीष पृष्टी की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि भविष्य में किसी भी विषय या मुद्दे पर केंद्र सरकार के विभागों से पत्राचार केवल नगरीय विकास विभाग के माध्यम से ही किया जाएगा।
जयपुर। नगरीय विकास विभाग ने एक आदेश जारी करते हुए विभाग की सभी अधीनस्थ संस्थाओं को भारत सरकार के विभिन्न विभागों से सीधे पत्राचार करने पर रोक लगा दी है। प्रमुख शासन सचिव डॉ. देवाशीष पृष्टी की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में किसी भी विषय या मुद्दे पर केंद्र सरकार के विभागों से पत्राचार केवल नगरीय विकास विभाग के माध्यम से ही किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि यह देखने में आ रहा था कि विकास प्राधिकरणों, विकास न्यासों, राजस्थान आवासन मण्डल एवं नगर नियोजन विभाग की ओर से केंद्र सरकार के विभागों से सीधे पत्राचार किया जा रहा है, जिसकी पूर्व सूचना नगरीय विकास विभाग को नहीं मिल पाती थी। इससे बाद में आयोजित बैठकों के दौरान विभाग को संबंधित विषयों पर टिप्पणी एवं अनुमोदन देने में कठिनाई उत्पन्न होती थी।
प्रमुख शासन सचिव ने उल्लेख किया कि विभागीय कार्य संचालन को लेकर 20 जुलाई 2024 को पूर्व में ही विस्तृत एसओपी जारी की जा चुकी है, जिसके अनुसार ही सभी मामलों का निस्तारण किया जाना अपेक्षित है। आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी आपात अथवा जरूरी परिस्थिति में यदि अधीनस्थ संस्थाओं को राज्य सरकार के किसी अन्य विभाग से पत्राचार करना पड़े, तो उसकी प्रति अनिवार्य रूप से अधोहस्ताक्षरकर्ता एवं संबंधित उपशासन सचिव को ई-डाक के माध्यम से भेजी जाए। विभाग ने सभी संबंधित संस्थाओं को इन निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।

Comment List