बारिश में जायका पड़ सकता है सेहत पर भारी, खुले में बिक रहीं बीमारियां

गर्म ताजा भोजन ही सुरक्षित विकल्प

बारिश में जायका पड़ सकता है सेहत पर भारी, खुले में बिक रहीं बीमारियां
मानसून में खुले में बिक रहे स्ट्रीट फूड से फूड पॉइजनिंग और पेट संबंधी संक्रमण के मामले बढ़े। दूषित पानी, बर्फ, नमी और मक्खियों से संक्रमण का खतरा बढ़ता है। एसएमएस अस्पताल की रोजाना 10-12 हजार ओपीडी में 300-400 मरीज फूड पॉइजनिंग संबंधी शिकायतों के पहुंच रहे।

जयपुर। इन दिनों मानसून का सीजन चल रहा है। लगातार हो रही बारिश के बीच फूड पॉइजनिंग और पेट संबंधी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसकी बड़ी वजह है सड़क किनारे खुले में बिक रहे स्ट्रीट फूड। बारिश के सीजन में यह खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों के अनुसार बारिश के मौसम में सड़क किनारे खुले में बिकने वाले चाट, गोलगप्पे, सैंडविच, कटे हुए फल, ज्यूस, समोसे, कचौरी और अन्य स्ट्रीट फूड संक्रमण का बड़ा कारण बन रहे हैं। नमी, गंदा पानी, मच्छर-मक्खियों की बढ़ती संख्या और भोजन का लंबे समय तक खुले में रखा रहना बैक्टीरिया और वायरस के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। इस मौसम में लापरवाही भी फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकती है। यही वजह है कि एसएमएस सहित अन्य अस्पतालों की ओपीडी में फूड प्वाइजनिंग, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में डॉक्टर्स ने खुले में

दूषित पानी से फैलता है ज्यादा संक्रमण : चिकित्सकों के अनुसार बारिश के दौरान कई ठेलों और दुकानों पर इस्तेमाल होने वाला पानी भी संक्रमण का बड़ा स्रोत बन जाता है। यदि बर्फ, चटनी, पानी या बर्तनों की सफाई दूषित पानी से की गई हो तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

ये है अस्पतालों का आंकड़ा : मौसमी बीमारियों को देखते हुए एसएमएस अस्पताल में इन दिनों रोजाना 10 से 12 हजार की ओपीडी है। इनमें से 300 से 400 मरीज गेस्ट्रोलॉजी और मेडिसिन विभाग की ओपीडी में फूड प्वाइजनिंग की समस्या को लेकर रहे हैं। कावंटिया अस्पताल में भी इन दिनों 80 से 100 मरीज संक्रमण से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। जयपुरिया, गणगौरी और अन्य निजी अस्पतालों में भी मरीजों की अच्छी खासी संख्या है।

इन बीमारियां का रहता है खतरा : फूड प्वाइजनिंग, उल्टी-दस्त, हैजा, टाइफाइड, पेचिश, हेपेटाइटिस- और , पीलिया

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क्यों बढ़ता है संक्रमण : बारिश में नमी के कारण बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। खुले भोजन पर मक्खियां बैठकर कीटाणु फैलाती हैं। दूषित पानी और बर्फ  का उपयोग। जलभराव और गंदगी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ना।

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गर्म ताजा भोजन ही सुरक्षित विकल्प :

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बरसात के मौसम में घर का ताजा और गर्म भोजन ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। बाहर भोजन करना पड़े तो केवल साफ-सुथरे और विश्वसनीय प्रतिष्ठानों का ही चयन करें। खुले में रखे खाद्य पदार्थ, कटे फल, बिना ढके पेय पदार्थ और लंबे समय से तैयार भोजन से बचना चाहिए।

-डॉ. श्याम सुंदर, एचओडी मेडिसिन, ईएसआई मॉडल हॉस्पिटल जयपुर।

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