रामलीला में अहम भूमिका से राजनीति के कैनवास पर छाए ये चेहरे, पढ़े पूरी खबर
राजस्थान में अनेक सियासतदार
जयपुर। प्रख्यात फिल्मकार रामानन्द सागर की रामायण में ‘राम’, ‘सीता’, ‘रावण’ की भूमिका निभाने वाले कलाकार सियासत के आंगन में न सिर्फ हाथों हाथ लिए गए, बल्कि राजस्थान की सियासत में भी ऐसे अनेक सियासतदार हैं, जिन्होंने रामलीलाओं में निभाई भूमिका के बाद राजनीति में अहल रोल प्ले किया। रामलीला करने से उनकी लोकप्रियता में इजाफा होने के साथ ही उनकी संवाद अदायगी ने लोगों को उनका मुरीद बना दिया। राजनीतिक दलों ने भी उनको टिकट देकर सत्ता के गलियारों में पहुंचा दिया।
सुन्दर काका ढोलक बजाते थे :
अनेक बार विधायक एवं अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रहे सुन्दर काका जवानी के दिनों में शौकिया तौर पर जब रामलीला में ढोलक पर थाप देते हुए मुंह से ताल छेड़ते थे तो हर कोई उनकी आवाज और ताल से ताल मिलाने के लिए मजबूर हो जाता था। केन्द्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल भी राजकीय सेवा में आने से पहले भगवान राम के भजन सुनाया करते थे।
रामानन्द सागर की रामायण से ये अभिनेता बने नेता :
राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल 2024 में मेरठ से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर लोकसभा पहुंचे। सीता का रोल प्ले करने वाली दीपिका चिखलिया ने 1991 में लोकसभा का गुजरात से चुनाव लड़कर कांग्रेस प्रत्याशी को कड़ी शिकस्त दी। रामायण में रावण का रोल निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी ने भी 1991 में गुजरात के साबरकांठा से लोकसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन मात खा गए।
पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवां बनते थे राम :
रतनगढ़ निवासी पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवां ने भी विद्यार्थी जीवन में राम का रोल निभाया है। उनका रोल सुनकर दर्शक भाव-विभोर हो जाते थे। रिणवां बताते हैं कि राजा दशरथ की आज्ञा पालन करने के लिए जब राम वन के लिए जाते हुए-‘रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन नहीं जाई...’ सुनाते तो दर्शकों के आंखों से गंगा-जमुना बह निकलती थीं।
ज्ञानदेव आहूजा ने निभाया अहिरावण का रोल :
अलवर जिले के खैरथल निवासी ज्ञानदेव आहूजा के गांव में बाहर से रामलीला करने के लिए कलाकार आते थे। उस समय आहूजा युवा के होने के साथ ही काफी सक्रिय थे। एक बार रामलीला में अहिरावण का रोल करने वाले कलाकार के नहीं आने पर आहूजा का ढील-ढोल देखकर अहिरावण का रोल दे दिया गया। करीब सात साल तक उन्होंने अहिरावण का रोल निभाया। बाद में संघ के प्रचारक बन कर राजनीति में आ गए। आहूजा अहिरावण के रूप में संवाद अदायगी करते थे तो दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाते थे।

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