तू ही दुर्गा, तू ही शक्ति, तू ही समाज की कालिका : पुलिस की ये देवियां हर परिस्थिति में खड़ी रहती हैं सेवा में
‘देवी’ के नौ दिन नहीं, पूरा साल
जयपुर। कभी महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने के लिए पुरुष आगे रहते थे, लेकिन बदलते दौर में महिला पुलिसकर्मी खुद दुर्गा और काली का रूप धरकर सुरक्षा की कमान संभाल रही हैं। नवरात्र में जब घरों और मंदिरों में मां दुर्गा की शक्ति की आराधना हो रही है, तब राजस्थान पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला जवान सड़कों, बाजारों, स्कूल-कॉलेजों और पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए मुस्तैद हैं। सड़कों पर कालिका पेट्रोलिंग यूनिट सुरक्षा के लिए मुस्तैद हैं तो जेलों में गैंगस्टर और कुख्यात बदमाशों के बीच महिला सुरक्षाकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। इनके लिए शक्ति केवल पूजा का भाव नहीं, बल्कि छेड़छाड़, उत्पीड़न और असुरक्षा के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प भी है।
एक नजर में कालिका :
राजस्थान में 15 दिसंबर, 2024 को 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शुरू की गई थीं। वर्ष 2026-27 के बजट में इनका विस्तार किया गया। वर्तमान में 600 यूनिट स्वीकृत हैं और हर यूनिट में चार सदस्यों का प्रावधान है। इन टीमों को स्कूटी, हेलमेट, शरीर पर लगाए जाने वाले कैमरे और वायरलेस सेट उपलब्ध कराए गए हैं।
600 यूनिट: प्रदेश में स्वीकृत कालिका पेट्रोलिंग यूनिट
हर यूनिट में चार महिला पुलिसकर्मी।
8464 सितंबर 2026 तक निरोधात्मक कार्रवाइयां।
247 दर्ज प्रकरण।
46748 अन्य कार्रवाइयां।
49.39 लाखस्कूल-कॉलेजों में जागरूक की गई बालिका, महिला और युवा।
16.69 लाख महिला शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत प्रशिक्षित महिलाएं और बालिकाएं।
कालिका का एक्शन :
हरमाड़ा: सुकृति विहार कालिका टीम की सदस्य सुनीता और सुशीला ने भतीजी से मारपीट और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोपी को गिरफ्तार करवाया।
मुरलीपुर: बालाजी विहार टीम की सदस्य सुमन और मुन्नी ने महिला पर अभद्र टिप्पणियां करने तथा दोस्ती के लिए दबाव बनाने के आरोपी युवक को गिरफ्तार करवाया।
जलमहल: मई 2026 की सादे कपड़ों में तैनात महिला पुलिसकर्मी से पर्यटक समझकर बातचीत शुरू करने वाले युवक को टीम की मदद से हिरासत में लिया गया। युवक ने महिला पुलिसकर्मी को आइसक्रीम खिलाने की पेशकश की थी।

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