आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरसता नयागांव गुजरान: न पक्की सड़क, न सुरक्षित श्मशान घाट
सरपंच बोले- स्वीकृत हुआ बजट, जल्द हटेगा अतिक्रमण
खानपुर। ग्राम पंचायत बेसार के अंतर्गत आने वाले नयागांव गुजरान में आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के दशकों बाद भी गांव में विकास कार्य धरातल पर नहीं पहुंच पाए हैं। पक्की सड़क के अभाव और श्मशान घाट की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में आज तक एक भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश केमौसम में रास्ते कीचड़ और पानी से भर जाते हैं, आवागमन मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है, जिन्हें खराब रास्तों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क नहीं होने और जलभराव के कारण गांव तकएंबुलेंस और अन्य वाहन पहुंचना मुश्किल हो जाता है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को चारपाई पर बैठाकर कीचड़ भरे रास्तों से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। इससे समय पर उपचार मिलना भी चुनौती बन जाता है।
श्मशान घाट पर अतिक्रमण, सुविधाओं का अभाव
ग्रामीणों ने बताया कि गांव्र के श्मशान घाट की भूमि पर अतिक्रमण होचुका है। इसके कारण अंतिम संस्कार जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने श्मशान घाट से अतिक्रमण हटाने और वहां टीन शेड सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन द्वारा आयोजित विभिन्न शिविरों मेंलिखित आवेदन देकर समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर भी कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। नयागांव गुजरान के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में जल्द सेजल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए तथा श्मशान घाट से अतिक्रमण हटाकर वहां आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें आज भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हमारे गांव में एक पक्की सड़कतक नहीं बन पाई है। बारिश के दिनों में हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि बच्चों को स्कूल भेजना और खुद घर से बाहर निकलना दूभर हो जाता है।
- चौथमल गुर्जर, ग्रामीण
हमारे गांव में श्मशान घाट की जमीन पर भी अतिक्रमण हो चुका है। अपनों के अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील घड़ी में भी हमें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
-बबलू गुर्जर, ग्रामीण
हमने पंचायत से लेकर प्रशासनिक शिविरों तक कई बार लिखित आवेदन दिए हैं, लेकिन हर बार सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है।
- रनजीत गुर्जर,ग्रामीण
रास्ते में कीचड़ और जलभराव के कारण गांव के भीतर एम्बुलेंस का आना तो दूर, किसी सामान्य वाहन का पहुंचना भी असंभव है। आपातकालीन स्थिति में बीमारों और गर्भवती महिलाओं को चारपाई पर लिटाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना हमारी मजबूरी बन गया है।
- सोनू गुर्जर, ग्रामीण
स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर इस कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। जरा सी चूक बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के लिए भारी पड़ सकती है। जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण करवाया जाए।
- हंसराज गुर्जर, ग्रामीण
विकास के जितने भी दावे किए जाते हैं, वे सब नयागांव गुजरान आकर कागजी साबित हो जाते हैं। जल्द ही श्मशान घाट से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो ग्रामीणों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
- मुकेश, ग्रामीण
श्मशान की भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर पूर्व में भी 5 लाख रुपए की सैंक्शन (स्वीकृति) निकाली गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका, जिससे वहां आज भी कीचड़ और वैसी ही स्थिति बनी हुई है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरपंच द्वारा पूर्व में ही प्रस्ताव लिया जा चुका है। आज इस संबंध में सेक्रेटरी से बात कर ली गई है और उन्होंने इस पर सैंक्शन (स्वीकृति) भी निकाल दी है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई कर जल्द से जल्द मौके से अतिक्रमण हटवाया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
- मदन लाल वर्मा, सरपंच बेसार उपखंड खानपुर

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