असर खबर का : शुभम लॉजिस्टिक्स को किया सीज तो जमा कराया बकाया 25 लाख टैक्स
यूडी टैक्स के बकायादारों के खिलाफ निगम आया एक्शन मोड में
टैक्स जमा नहीं करवाने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था ।
कोटा। नगरीय विकास कर(यूडी टैक्स) के बकायादारों के खिलाफ टैक्स वसूली को लेकर नगर निगम एक्शन मोड में आ गया है। निगम की टीम ने गुरूवार सुबह यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने पर कैथून रोड स्थित एक वेयरहाउस को सीज कर दिया। शाम होते-होते वेयरहाउस संचालक ने निगम में 2009 से बकाया चल रही 25 लाख से अधिक की राशि जमा करवा दी। निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि कैथून रोड पर कोटा क्लब के सामने स्थित शुभम लॉजिस्टिक्स पर वर्ष 2009 से नगरीय विकास कर बकाया चल रहा था। निगम द्वारा वेयरहाउस संचालक को यूडी टेक्स जमा करवाने के लिए कई बार नोटिस देने के साथ व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया था, परन्तु उसने यूडी टेक्स जमा नहीं करवाया।
व्यवसायिक गतिविधियां हो रही थी संचालित
इस वेयरहाउस में व्यवसायिक गतिविधियां भी की जा रही थीं। इस पर गुरूवार सुबह उपायुक्त राजस्व धीरज कुमार सोनी के नेतृत्व में गठित निगम अधिकारियों की टीम ने वेयरहाउस को सीज कर दिया गया। इसके बाद वेयरहाउस संचालक निगम कार्यालय पहुंच गया और 2009 से बकाया चल रही 25 लाख 29 हजार 574 रूपए की कर की राशि जमा करवा दी। टेक्स जमा होने के बाद सीजिंग को खोल दिया गया।
कई अन्य सम्पत्तियां चिन्हित
आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि निगम ने यूडी टेक्स के बकाएदारों की सूची तैयार कर ली है। इन सभी को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। ऐसी कई सम्पत्तियों को चिन्हित भी किया गया है जिन पर लम्बे समय से मोटा यूडी टेक्स बकाया चल रहा है। निगम आने वाले दिनों में इनको भी सीज करने की कार्रवाई करेगी।
छूट का लाभ लेकर जमा करवाएं यूडी टेक्स
आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि 2700 वर्गफीट से अधिक के आवासीय भवन व प्लॉट और 900 वर्गफीट से अधिक वाणिज्यिक भवन व प्लॉट नगरीय विकास कर के दायरे में आते हैं। नगरीय विकास कर भूखण्ड स्वामी के स्वनिर्धारण पर आधारित है। इस कारण कोई भी व्यक्ति नोटिस नहीं मिलने की बात कहकर कर जमा करवाने से बच नहीं सकता।
31 मार्च तक छूट का प्रावधान
वर्तमान में राज्य सरकार के आदेशानुसार पेनल्टी पर 100 प्रतिशत की छूट व वर्ष 2007-08 से 2010-11 तक मूल कर राशि पर 50 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है। आयुक्त ने अपील की कि जिन भी व्यक्तियों और संस्थाओं की सम्पत्ति यूडी टैक्स के दायरे में आती है, वह अविलम्ब अपना यूडी टैक्स जमा करवाएं। राज्य सरकार की ओर से बकाया पर ब्जाय पेनल्टी में छूट का प्रावधान 31 मार्च तक किया हुआ है।
नवज्योति ने किया था समाचार प्रकाशित
गौरतलब है कि नगरीय विकास कर के दायरे में आने वाली सम्पत्तियों व उनके द्वारा टैक्स जमा नहीं करवाने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। समाचार पत्र में ज्ञ फरवरी के अंक में पेज 7 पर'यूडी टैक्स:ढाई हजार प्रोपर्टी कर के दायरे में बकाया कर जमा नहीं करवाने वालों पर अब होगी सीजिंग की कार्रवाई शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें निगम द्वारा शीघ्र ही एक् शन करने की जानकारी दी थी। नवज्योति में समाचार प्रकाशित होते ही निगम टीम ने गुरुवार को पहले ही दिन कार्रवाई करते हुए एक वेयर हाउस को सीज किया। जिससे निगम में 25 लाख रुपए टैक्स जमा हो गया।
ये अधिकारी रहे निगम टीम में शामिल
सीजिंग की कार्रवाई के दौरान उपायुक्त राजस्व धीरज कुमार सोनी, राजस्व अधिकारी, महावीर सिंह सिसोदिया, राजस्व अधिकारी विजय अग्निहोत्री, सहायक अभियन्ता व अतिक्रमण प्रभारी तौसिफ खान, विद्युत अभियन्ता लक्ष्मीनारायण बडारिया, सहायक राजस्व निरीक्षक, रियाजुद्दीन, संवेदक फर्म एसएसपीएल के प्रतिनिधि भुवनेश गोस्वामी उपस्थित रहे।

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