Voice of Gen-Z & Alpha: क्या करें, बेस्टी मिलते हैं, प्लान बनता है तो खा ही लेते हैं
युवाओं की सलाह, घर के खाने को दें प्राथमिकता
कोटा। कभी-कभार स्वाद बदलने के लिए खाया जाने वाला जंक फूड अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। बच्चों के स्कूल टिफिन में मैगी की जिद हो या युवाओं की बर्थडे पार्टी, दोस्तों के साथ शाम की चटपटी दावत हो या ऑफिस में चाय के साथ कचौरी-समोसे का दौर, हर जगह जंक फूड का बोलबाला है। दैनिक नवज्योति के ह्यवॉइस ऑफ जेन जी एंड अल्फाह्ण में युवाओं ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उनका कहना है कि जंक फूड से दूरी बनाना बेहतर है और यदि खाने का मन हो, तो बाहर से मंगवाने के बजाय घर पर साफ-सफाई के साथ बनाना चाहिए।
घर का स्वाद, सेहत का साथ
कभी-कभार महीने में एक-दो बार खाने में कोई हर्ज नहीं, इसे रोज की आदत बनाना ठीक नहीं है। ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना पेट की परेशानी बढ़ा सकता है। इसके बजाय नाश्ते में पोहा, पराठा या घर का बना पौष्टिक भोजन बेहतर विकल्प है। घर में छोटे बच्चे जंक फूड की जिद करें, तो बाहर से मंगवाने के बजाय घर पर बनाकर दें। इससे सामग्री, तेल और मसालों की मात्रा पर भी नियंत्रण रखा जा सकता है।
-आरजू गुप्ता, कॉलेज स्टूडेंट
सब जानते हैं नुकसान, फिर भी नहीं छूटता स्वाद
जंक फूड सेहत के लिए अच्छा नहीं है, । इसके बावजूद दोस्त मिलते हैं, बाहर खाने का प्लान बनता है और स्वाद के चक्कर में जंक फूड खा ही लेते हैं। लगातार ऐसा करना पाचन तंत्र के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। इसलिए जहां तक संभव हो, इससे दूरी रखनी चाहिए। पोहा, रोटी-सब्जी, पराठे और दूसरे पौष्टिक घरेलू व्यंजनों को प्राथमिकता देनी चाहिए। स्वाद के लिए सेहत को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं है।
-शाकिब पठान, कॉलेज स्टूडेंट
खुशियां मनाएं, लेकिन सेहत की कीमत पर नहीं
आजकल युवाओं में छोटी-छोटी खुशियों पर पार्टी करने का चलन बढ़ गया है। पार्टी में अक्सर पास्ता, नूडल्स और पिज्जा ही मंगवाए जाते हैं। पार्टी करना गलत नहीं है, लेकिन हर बार जंक फूड खाना जरूरी भी नहीं है। घर पर ही स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जा सकते हैं। इससे सामग्री की गुणवत्ता और तेल-मसालों की मात्रा पर नियंत्रण रखना आसान होगा। बाजार के खाने की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है।
-किरण जांगिड़, कॉलेज स्टूडेंट
स्वाद की चाहत में पेट से न करें खिलवाड़
बाजार में मिलने वाले कुछ खाद्य पदार्थों में तेल, नमक और मसालों की मात्रा ज्यादा हो सकती है। शुरुआत से ही संतुलित और पौष्टिक भोजन की आदत डालनी चाहिए। यदि वे जंक फूड खाने की जिद करें, तो उन्हें डांटने के बजाय समझाएं और घर पर ही स्वादिष्ट विकल्प तैयार करके दें। सुबह के नाश्ते में पोहा, पराठा और अन्य घरेलू व्यंजन शामिल किए जा सकते हैं। आखिर स्वाद ऐसा हो, जो सेहत पर भारी न पड़े।
-त्रिलोक नागर, कॉलेज स्टूडेंट

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