मोरक्को को मिलने जा रही पहली महिला प्रधानमंत्री, फातिमा अज्जहरा अल मंसूरी को सरकार बनाने का न्योता
2030 फुटबॉल वर्ल्ड कप की तैयारियों की देखरेख करेगी नई सरकार
रबात। फ़ातिमा अज्ज़हरा अल मंसूरी मोरक्को की पहली प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। देश के संसदीय चुनावों में उनकी 'ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी' की जीत के बाद सम्राट मोहम्मद ने उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। अल मंसूरी मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री होंगी। उनकी पार्टी ने पिछले सप्ताह हुए चुनावों में 395 में से 97 सीटों पर जीत हासिल की। निवर्तमान प्रधानमंत्री अज़ीज़ अखन्नौच की नेशनल रैली ऑफ इंडिपेंडेंट्स पार्टी को 66 सीटें हासिल हुईं।सुश्री अल मंसूरी 2009 से मराकेश की मेयर रही हैं। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी दूसरे दलों के साथ गठबंधन के लिए बातचीत कर रही है। पार्टी ने जीत के बाद शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार करने का वादा किया है।
साल 2024 से अल मंसूरी पार्टी के सामूहिक नेतृत्व का हिस्सा रही हैं, जब 'ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी' किसी एक नेता को नहीं चुन पायी थी। वह 2021 से अखन्नौच के नेतृत्व में शहरी योजना और आवास मंत्री के तौर पर भी काम कर रही हैं। इस वोट से मोरक्को के राजनीतिक संतुलन में कोई बड़ा बदलाव आने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि वहां विदेश नीति, रक्षा और अन्य अहम नीतिगत मामलों में राजा के पास व्यापक अधिकार हैं। नयी संसद उस सरकार को तय करेगी, जो पुर्तगाल और स्पेन के साथ मिलकर फुटबॉल के 2030 वर्ल्ड कप की मेज़बानी करने की 20 अरब डॉलर की तैयारी के आखिरी चरणों की देखरेख करेगी। नयी सरकार को 'वर्ल्ड कप सरकार' कहा जा रहा है। मोरक्को स्टेडियम, रेलवे और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रहा है और उसका लक्ष्य 2035 तक प्रति व्यक्ति आर्थिक उत्पादन को दोगुना करना है।
अल मंसूरी की सरकार से उम्मीद है कि वह ऐसी आर्थिक नीतियां भी अपनाएगी, जिनसे युवाओं में फैली नाराजगी को दूर किया जा सके। यह समस्या जुलाई में स्पेन के इलाके 'स्यूटा' की सीमा पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ने और पिछले साल 'जेन ज़ी' के नेतृत्व में हुए जानलेवा विरोध-प्रदर्शनों से सामने आयी थी। कैंपेन के दौरान 'ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी' को फ़ौज़ी लेकजा का समर्थन मिला, जो बजट मंत्री और फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन के प्रमुख हैं। उन्हें संभावित प्रधानमंत्री के तौर पर भी देखा जा रहा था।
इस पार्टी को 2008 में राजा के एक सलाहकार ने बनाया था। तब से इसने सामाजिक आधुनिकीकरण और धर्मनिरपेक्ष विचारों की वकालत करके खुद को 'इस्लामिस्ट जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी' के मुकाबले एक ताकत के तौर पर स्थापित किया है। 'जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी' ने चुनाव में 54 सीटें जीतीं।

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