राज ठाकरे का भाजपा पर निशाना, बोले- केंद्र सरकार गांधीजी की सीख को अपनाने की जगह सिर्फ़ फ़ोटो खिंचवाने के मौके पर करती है याद
सवाल पूछने वालों को राष्ट्र-विरोधी करार देने पर मनसे प्रमुख ने जताई आपत्ति
मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की जयंती पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह गांधी जी को सिर्फ़ रस्मी श्रद्धांजलि देने के लिए याद करती है, जबकि सत्ता से सवाल पूछने की उनकी सीख को नजरंदाज करती है।
ठाकरे ने कहा कि आजकल सरकारें गांधी जी जैसी राष्ट्रीय हस्तियों को उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर उनके विचारों और सीख को अपनाने की बजाय सिर्फ़ फ़ोटो खिंचवाने के मौके के तौर पर याद करती हैं। ठाकरे ने सोशल मीडिया पर सत्ताधारी खेमे और उनके समर्थकों पर असहमति के प्रति असहिष्णु होने और सरकार से सवाल पूछने वालों को 'राष्ट्र-विरोधी' करार देने का आरोप लगाया।
ठाकरे ने कहा, "गांधी जी ने नागरिकों को सत्ता से सवाल पूछना सिखाया था लेकिन आज सत्ता में बैठे लोग ऐसे सवालों का सामना करने को तैयार नहीं हैं और आलोचकों को देशद्रोही बताकर चुप कराने के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल का इस्तेमाल करते हैं।" उन्होंने कहा कि सरकारों के पास कानूनी ढांचा और सरकारी मशीनरी होती है लेकिन गांधी जी ने दिखाया था कि कोई भी प्रशासन किसी आम नागरिक की आलोचनात्मक सोच या उनके नैतिक विवेक को नियंत्रित नहीं कर सकता।
उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों पर पाबंदी, प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर उठने वाले सवालों जैसी चुनौतियों का भी ज़िक्र किया। श्री ठाकरे ने कहा कि गांधी जी के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं और लोगों से अपील की कि वे आलोचनात्मक सोच को कमज़ोर करने वाली पक्षपाती बातों के ख़िलाफ़ सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी काम कर सकता है जब नागरिक सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछें और उन्हें जवाबदेह ठहराएं।

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