रेपो दर में कोई बदलाव नहीं, आरबीआई ने स्थिर रखने का किया फैसला
केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक पूंजी उपलब्ध कराता है
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बढ़ती महंगाई के मद्देनजर शुक्रवार को अल्पावधि कर्ज की अपनी नीतिगत दर रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की आज समाप्त तीन दिवसीय बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर यथावत बनी रहेगी। रेपो दर वह दर है, जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक पूंजी उपलब्ध कराता है।
चालू वित्त वर्ष में एमपीसी की यह दूसरी और कैलेंडर वर्ष में तीसरी द्विमासिक बैठक थी, जिसमें नीतिगत दरों की नियमित समीक्षा की जाती है। इस साल फरवरी और अप्रैल की बैठकों में नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। विशेषकर अप्रैल की बैठक जारी पश्चिम एशिया संकट के बीच हुई थी। पिछले साल एमपीसी ने 4 बार में रेपो दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की थी, जिससे आम लोगों को अपना घर और वाहन खरीदने में काफी राहत मिली थी।

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