सीएम भजनलाल शर्मा ने पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से किया राज्य स्तरीय संवाद, धोती पहनकर पहुंचे, सरपंचों से सीधा संवाद
सरपंच संघ ने 51 किलो की माला पहनाकर मुख्यमंत्री का किया स्वागत
जयपुर। गांधी जयंती के पावन अवसर पर शुक्रवार को जयपुर के जवाहर नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिला ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पंचायती राज जनप्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम प्रातः 11:30 बजे शुरू हुआ। मुख्यमंत्री धोती पहने देसी अंदाज में पहुंचे। वे स्वयं पूर्व में सरपंच रह चुके हैं।
सरपंच संघ ने मुख्यमंत्री का इक्यावन किलो फूलों की माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, सांसद मंजू शर्मा सहित कई विधायक और प्रदेशभर के पंचायती राज जनप्रतिनिधि (निवर्तमान सरपंच, पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्य) मौजूद रहे। कई जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित हुए, जहां मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
मुख्यमंत्री का संबोधन और संवाद:
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने धोबलाई के सरपंच से पहला संवाद किया और पंचायत में किए गए कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद पंचायत समिति सेवर की ग्राम पंचायत लुधावई के सरपंच गौरव सिंह सहित अन्य सरपंचों से बातचीत हुई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास, योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय समस्याओं और जरूरतों से जुड़ी बातें साझा कीं।
मुख्यमंत्री ने किए अपने अनुभव साझा:
मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरपंच सबसे बड़ा जनप्रतिनिधि होता है। गांव की जनता आज भी उन्हें सरपंच कहकर पुकारती है। उन्होंने जोर दिया कि विकास की डोर सरपंचों के हाथ में है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। उन्होंने सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, पंचायती राज संस्थाओं को और मजबूत बनाने तथा आगामी पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर जनसेवा पर फोकस रखने का आह्वान किया।

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