जयपुर के 300वें स्थापना वर्ष का काउंटडाउन शुरू, दीपावली पर दिखेगी विरासत की झलक
गुलाबी नगरी के 300 साल का जश्न
जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर के स्थापना के 300 वर्ष पूरे होने से एक साल पहले ही जयपुर व्यापार महासंघ ने भव्य आयोजनों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। वर्ष 2027 में प्रस्तावित 300वें स्थापना वर्ष को लेकर सिटी पैलेस में आयोजित बैठक में कार्यक्रमों की रूपरेखा, विरासत संरक्षण, बाजारों के सौंदर्यीकरण, यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर चर्चा हुई। इस दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने ‘गुलाबी नगरी जयपुर 300 वर्ष—हमारा गौरव, हमारी विरासत’ अभियान के पोस्टर का विमोचन किया।
व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि 300वें स्थापना वर्ष को ऐतिहासिक उत्सव के रूप में मनाने के लिए वर्षभर सांस्कृतिक, सामाजिक और व्यापारिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। अभियान के तहत 14 अलग-अलग स्लोगनों वाले पोस्टर तैयार किए गए हैं, जिन्हें शहर के विभिन्न बाजारों में प्रदर्शित कर आमजन को इस आयोजन से जोड़ा जाएगा। उद्देश्य जयपुर के गौरवशाली इतिहास, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।
दीपावली की सजावट में दिखेगी गुलाबी नगरी की पहचान
महासंघ इस बार दीपावली की विद्युत सजावट को भी जयपुर के 300वें स्थापना वर्ष की थीम से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। बाजारों में रोशनी के साथ ऐतिहासिक स्मारकों, राजस्थानी संस्कृति और गुलाबी नगरी की विरासत की झलक प्रस्तुत की जाएगी। पिछले वर्ष महासंघ ने स्वदेशी दीपावली का संदेश दिया था। इस बार सजावट को पर्यटन, व्यापार और विरासत संरक्षण से जोड़ने पर जोर रहेगा। महामंत्री सुरेश सैनी ने कहा कि दीपावली पर बाजारों में ग्राहकों और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती है। ऐसे में आकर्षक सजावट के साथ स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है। व्यापार मंडलों और व्यापारियों को प्रशासन के साथ समन्वय कर बाजारों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करना चाहिए।
छह संकल्पों से बदलेगी शहर की तस्वीर
‘जयपुर 300 वर्ष’ अभियान में स्वच्छता, हरियाली, सुरक्षित एवं सुगम यातायात, व्यवस्थित पार्किंग, सुंदर बाजार और विरासत संरक्षण को छह प्रमुख संकल्पों के रूप में शामिल किया गया है। महासंघ ने व्यापारियों और नागरिकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने, बाजारों में यातायात बाधित नहीं होने देने तथा दुकानों के सामने अनावश्यक वाहन खड़े करने से बचने की अपील की है।
चारदीवारी के हेरिटेज स्वरूप को संवारने पर जोर
बैठक में ऐतिहासिक चारदीवारी क्षेत्र की पहचान सुरक्षित रखने, बाजारों में एकरूपता लाने तथा भवनों के रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण के कार्य शीघ्र शुरू कराने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। महासंघ ने संबंधित विभागों के समन्वय से विरासत संरक्षण के प्रयास तेज करने पर जोर दिया। रामलीला मैदान में व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने और वहां बैठने वाले लोगों के लिए उचित स्थान एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया। महासंघ के अनुसार, पर्यटकों और ग्राहकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पार्किंग और नागरिक सुविधाओं में सुधार जरूरी है।

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