गांव की सरकार का गणित: जोधपुर में सबसे ज्यादा 649 ग्राम पंचायतें, खैरथल-तिजारा में सबसे कम 180, 14,403 ग्राम पंचायतों में होगी गांव की सरकार ; करीब 1.31 लाख वार्ड पंच चुनेंगे ग्रामीण
सरपंच और पंच पदों की आरक्षण लॉटरी शुरू
जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की तैयारियां अब गांव की चौपाल तक पहुंच गई हैं। प्रदेश में 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और करीब 1.31 लाख वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव होने हैं। गुरुवार को सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी उपखंड स्तर पर निकाली जा रही है। इसके साथ ही गांवों की सियासत में चुनावी समीकरण भी तेजी से आकार लेने लगे हैं। प्रदेश के 41 जिलों में ग्राम पंचायतों की संख्या देखें तो जोधपुर 649 ग्राम पंचायतों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद बाड़मेर में 625, जयपुर में 597, उदयपुर में 590 और बांसवाड़ा में 549 ग्राम पंचायतें हैं। यानी इन जिलों में गांव की सरकार के पदों की संख्या भी बड़ी है। दूसरी तरफ खैरथल-तिजारा में सबसे कम 180 ग्राम पंचायतें हैं। इसके बाद कोटा में 210, ब्यावर में 216, डीग में 220 और धौलपुर में 224 ग्राम पंचायतें हैं।
पांच बड़े जिले
ग्राम पंचायतों की संख्या के लिहाज से जोधपुर सबसे आगे है। यहां 649 ग्राम पंचायतें हैं। बाड़मेर में 625, जयपुर में 597, उदयपुर में 590 और बांसवाड़ा में 549 ग्राम पंचायतें हैं। इन पांच जिलों में ही कुल 3,010 ग्राम पंचायतें आती हैं। जयपुर जिले में 597 ग्राम पंचायतों के साथ 5,931 वार्ड पंच पद हैं। अलवर में 390 ग्राम पंचायतों के लिए 3,586 वार्ड पंच पद हैं। बांसवाड़ा में 549 ग्राम पंचायतों में 4,515 और भीलवाड़ा में 511 ग्राम पंचायतों में 4,581 वार्ड पंच पद हैं।
चार जिलों में पूरा ग्रामीण चुनाव एसटी आरक्षण के दायरे में
आरक्षण के लिहाज से भी इस बार पंचायत चुनाव का गणित खास है। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में ग्राम पंचायतों के सरपंच पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इन जिलों में ग्राम पंचायत स्तर के सभी पदों पर एसटी आरक्षण का प्रावधान लागू है।
बांसवाड़ा में 549, डूंगरपुर में 442, प्रतापगढ़ में 277 और सलूंबर में 207 ग्राम पंचायतें हैं। यानी इन चार जिलों में कुल 1,475 ग्राम पंचायतें हैं।
गांवों में आरक्षण के साथ चुनावी हलचल तेज
24 सितंबर की आरक्षण लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस ग्राम पंचायत में सरपंच का पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा और किस वार्ड में किस श्रेणी का पंच चुनाव लड़ेगा। इसके बाद दावेदारों की दौड़ और तेज होने की उम्मीद है। ग्राम पंचायतों के परिसीमन और पुनर्गठन के बाद इस बार कई जिलों में पंचायतों का पुराना गणित भी बदल गया है।
फैक्ट फाइल
* ग्राम पंचायतें : 14,403
* पंचायत समितियां : 457
* जिला परिषद : 41
* वार्ड पंच : करीब 1.31 लाख
* सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें : जोधपुर—649
* दूसरे नंबर पर : बाड़मेर—625
* तीसरे नंबर पर : जयपुर—597
* सबसे कम ग्राम पंचायतें : खैरथल-तिजारा—180
* दूसरे सबसे कम : कोटा—210
* तीसरे सबसे कम : ब्यावर—216

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