अखाड़ों में सीख रहे अस्त्र विद्या की बारीकियां, शोभा यात्रा में होगा साधना का प्रदर्शन
लाठी, तलवार और चकरी के साथ विरासत को धार दे रही नई पीढ़ी
काेटा। शहर के सबसे बड़े पारंपरिक और धार्मिक पर्व अनंत चतुर्दशी की ऐतिहासिक शोभायात्रा को लेकर कोटा के अखाड़ों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। हाड़ौती की समृद्ध अखाड़ाे की संस्कृति को जीवंत रखने के लिए शहर भर के 80 से अधिक अखाड़े दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं। 5 वर्ष के बालकों से लेकर 75 वर्ष के बुजुर्ग पट्टेबाज और बेटियां अस्त्र-शस्त्र से लेकर साहसिक करतबों की बारीकियां सीखने में पसीना बहा रही हैं।
शाम 5 बजे सजती है रंग भूमि
शाम के 5 बजते ही अखाडाें की मिट्टी पर पानी के छिड़काव साथ ही शस्त्रों की सार संभाल शुरू हो जाती है। हनुमान जी की मुर्ति के सामने अखाड़े के गुरू को समर्पित बालक बालिकाएं युवा सभी मानों ऐतिहासिक गुरू शिष्य परम्परा का दृश्य सामने आ गया हो। शिक्षार्थी एक एक करके मुद्राओं का अभ्यास करते हुए हाथों में पकडें लकड़ी के साथ शरीर व मन के संतुलन के लिए एकाग्रता करने का प्रयास करते नजर आते है। बालिकाएं तलवारें लड़ाती मानों झांसी की रानी सी प्रतीत हो रही थी।
30 बेटियां और 80 बाल-युवा साधक बहा रहे पसीना
वर्ष 2012 से निरंतर संचालित श्री संकटमोचन हनुमान व्यायामशाला छावनी में अस्त्र-शस्त्र चालन की परंपरा को पूरी साधना से सहेजा जा रहा है। अखाड़े के संस्थापक एवं अध्यक्ष दिग्विजय सिंह राजावत ने बताया कि अखाड़े में 150 अनुभवी पट्टेबाज़ों के साथ 10-12 वर्ष के बालकों से लेकर 20-25 वर्ष के 80 युवा अभ्यास कर रहे हैं। विशेष आकर्षण अखाड़े की 30 वीरांगनाएँ (बालिकाएँ) हैं, जो आत्मरक्षा व पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण लेकर शोभायात्रा में अपनी अद्भुत साधना का हैरतअंगेज प्रदर्शन करेंगी।
रस्सी पर उल्टा लटकर चला रही चकरी
वर्ष 1985 से उस्ताद चौथमल पहलवान के सानिध्य में शुरू हुआ और गुरु नाथूलाल पहलवान, संचालक धन्नालाल सुमन व ओमप्रकाश पंवार के नेतृत्व में संचालित मंगलेश्वरी व्यायामशाला नगर के सबसे प्राचीन अखाड़ों में शुमार है। गुरू नाथूलाल पहलवान ने बताते हुए कहा कि मैने छोटी समाध के गुरू चोथमल से शिक्षा ली थी। बाद मे 22 अखाड़ो की समिति ने छावनी में आकर व्यामशाला की पगडी पहनाकर इसकी शुरूआत करवाई। वर्तमान में 5 से 75 वर्ष तक की आयु के 400 से अधिक पट्टेबाज यहाँ दांव-पेच सीख रहे हैं। हाड़ौती में इसकी 9 से अधिक शाखाएं हैं। छावनी क्षेत्र से 'मंगलेश्वरी पुरुष' और 'मंगलेश्वरी महिला' व्यायामशाला दो अलग इकाइयों के रूप में प्रदर्शन करेंगी। महिला अखाड़े में हैरत अंगेज करतब करती लककियां रस्सी पर झुलकर चकरी चला रही थी दुसरी तरफ आपस में तलवारे भिडाती बेटियां आत्म रक्षा के गुरू के साथ आने वाले भारत की सुरक्षा की पुख्ता मिसाल थी। इसी अखाड़े से अपने खेल करियर की शुरुआत करने वाली जूडो खिलाड़ी तानिया राठौर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है।
कीलों की शैया पर पत्थर फोड़ने का साहसिक अभ्यास
केशवपुरा (बालाकुंड चौराहा) स्थित 'माँ वैष्णो व्यायामशाला समिति' द्वारा वर्ष 2007 से युवाओं को शारीरिक सौष्ठव और अखाड़ा कला के दांव-पेच सिखाए जा रहे हैं। अध्यक्ष शमशेर परमानी, संचालक कपिल परमानी और गुरु प्रकाश महावर के मार्गदर्शन में 15 से 45 वर्ष के 60 पट्टेबाज नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं। अखाड़े में तलवारबाजी, चक्र प्रदर्शन के साथ कीलों की शैया पर लेटकर सीने पर पत्थर फोड़ने जैसे हैरतअंगेज करतबों की तैयारी की जा रही है, जो शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहेंगे।अनंत चतुर्दशी की शोभायात्रा को लेकर श्री संकटमोचन हनुमान व्यायामशाला में जोरों पर तैयारियां, युवाओं संग बेटियां भी बहा रही हैं पसीना अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर निकलने वाली पारंपरिक शोभायात्रा को लेकर अखाड़ों में उत्साह का माहौल है। श्री संकटमोचन हनुमान व्यायामशाला में इन दिनों भावी पहलवान और पट्टेबाज दिन-रात अस्त्र-शस्त्र चलाने की कला को निखारने में जुटे हुए हैं।

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