पांच साल में 20 हजार घरों तक ही पहुंची पीएनजी
राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड कर रही शहर में पाइप से गैस पहुंचाने का काम
कोटा। महानगरों की तर्ज पर अब कोटा में भी पाइप लाइन के जरिये घरों में गैस पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। शुरुआत में काम की गति इतनी धीमी थी कि गिनती के कनेक् शन हो पाए थे। लेकिन अब 5 साल में करीब 20 हजार घरों तक पीएनजी पहुंच गई है। अगले तीन माह में यह कनेक् शन दो गुने होने की संभावना है। स्मार्ट सिटी में चयनित कोटा शहर में पाइप लाइन से हर घर में एलपीजी गैस पहुंचाने की योजना बनी थी। इस योजना को शुरुआत में गैल के माध्यम से मूर्त रुप दिया जाना था। गैल ने कई साल पहले इसका काम शुरु किया था। लेकिन काम की गति इतनी धीमी थी कि गैल मात्र 190 घरों तक ही गैस पहुंचा सका था। करीब छह साल पहले अगस्त 2017 में यह काम राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड(आरएसजीएल) ने हाथ में लिया। उसके बाद भी शुरूआत में काम की गति धीमी होने से सीमित घरों तक ही गैस पहुंच सकी थी। पिछले एक साल में काम तेजी से हुआ। जिससे यह संख्या पहले की कई गुना अधिक बढ़ गई है।
पथरीली इलाके होने से गति धीमी
कम्पनी के अधिकारियों का कहना है कि कोटा में अधिकतर क्षेत्र पथरीला है। जहां पाइप लाइन डालने के लिए जमीन खोदने में परेशानी होती है। इस कारण से भी काम की गति धीमी है। हालांकि प्रयास किए जा रहे हैं कि काम की गति को बढ़ाया जाए।
सुरक्षा अधिक और सस्ती सुविधा
पाइप लाइन से घरों तक गैस पहुंचना अधिक सुरक्षित है। साथ ही यह एलपीजी गैस सिलेंडर से करीब 40 से 50 फीसदी सस्ती भी है। कम्पनी के अधिकारियों के अनुसार पाइप लाइन से गैस घर तक पहुंचने में उसका प्रेशर काफी कम रहता है। उस गैस का भंडारण नहीं होने से उसके लीकेज होने या फटने का खतरा भी नहीं है। यदि गैस पाइप लाइन में कहीं से लीकेज भी होती है तो पाइप लाइन में लगा रेगुलेटर स्वत: ही बंद हो जाता है। बड़ी लाइन स्टील की, उसके बाद प्लास्टिक के पाइप की और फिर घर तक जीआई पाईप की लाइन होने से यह अधिक सुरक्षित है।
इन क्षेत्रों के लोगों को है इंतजार
पाइप लाइन के माध्यम से घरों में गैस पहुंचने का इंतजार शहर के हर व्यक्ति को है। जिनमें इंद्र विहार जैसे पॉश इलाके, टेशन क्षेत्र, नयापुरा, उद्योग नगर क्षेत्र और बारां रोड स्थित कई कॉलोनियां के लोगों को अभी भी पाइप लाइन से गैस घरों तक पहुंचने का इंतजार है।
घरेलू मीटर की रीडिंग से उपभोग का आंकलन
पाइप लाइन से घरों तक गैस पहुंचने पर हर घर में एक मीटर लगाया गया है। जिसका कनेक्शन घर की रसोई में रखे गैस के चूल्हे से किया गया है। जितनी गैस का उपयोग होगा उसकी रीडिंग मीटर में आ जाती है। कम्पनी का कर्मचारी हर दो महीने में रीडिंग लेने आता है। उस रीडिंग के हिसाब से बिल का उपभोक्ता भुगतान कर रहे हैं।
इन क्षेत्रों में पहुंची पाइप से घरों तक गैस
योजना को लागू हुए तो छह साल से अधिक हो गया लेकिन अभी तक जितने घरों तक कनेक्शन पहुंचने थे वह नहीं पहुंचे है। शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां पाइप से गैस घरों तक पहुंच चुकी है। उनमें झालावाड़ रोड रीको इंडस्ट्रीयल एरिया, बारां रोड महालक्ष्मी एनक् लेव समेत कई बहुमंजिला इमारतों में, तलवंडी सेक्टर बी, सी. 2 व 3, ए के कुछ भाग में, कुन्हाड़ी के पार्श्वनाथ एनक्लेव, आर.के. पुरम् ए और महावीर नगर प्रथम के अधिकतर क्षेत्रों में यह गैस पहुच चुकी है। प्रेम नगर अफोर्डेबल में भी पाइप से गैस घरों तक पहुंचाई जा रही है।
लोगों ने कहा, सुविधा जनक है गैस पाइप लाइन
शहर के जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन से गैस की सप्लाई की जा रही है। उन क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि यह काफी सुरक्षित व सुविधा जनक है। अनंतपुरा निवासी राकेश चतुर्वेदी का कहना है कि इससे गैस सिलेंडर खत्म होने व हर महीने बुकिंग करवाने का झंझट खत्म हो गया। कितनी गैस का उपयोग हो रहा है उसकी रीटिंग मीटर में आने से पता चलता रहता है। जबकि सिलेंडडर में तो गैस खत्म होने पर ही पता चलता है। इसके लीकेज होने का भी खतरा नहीं है। साथ ही यह गैस सिलेंडर से भी सस्ती है। ओम एनक् लेव निवासी सुनीता मीणा का कहना है कि पाइप लाइन से गैस आने पर सुविधा हुई है। कभी भी गैस खत्म होने की समस्या नहीं हुई। साथ ही यह गैस सिलेंडर से भी सस्ती पड़ रही है।
2025 तक एक लाख घरों में पहुंचाने का लक्ष्य
राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के अधिकारियों का कहना है कि शहर में शुरुआत में काम धीमी गति से हुआ था। लेकिन अब काम तेजी से किया जा रहा है। इंद्र विहार व स्टेशन के माला रोड समेत कई जगह पर लाइनें डाल दी गई हैं। वहां जल्दी ही कनेक्शन घरों से कर दिए जाएंगे। स्मार्ट सिटी योजना के तहत अधिक से अधिक घरों तक यह सुविधा देनी है। यह सुरक्षित व सस्ती भी है। आने वाले समय में इस काम में तेजी लाई जाएग़ी। अधिकारियों का कहना है कि इस वित्त वर्ष के शुरुआत में 1 अप्रैल तक कोटा में करीब 20 हजार घरों तक पीएनजी पहुचाई जा चुकी है। साथ ही इस वित्त वर्ष के अंत 31 मार्च तक ये कनेक्शन दो गुने यानि करीब 40 हजार हो जाएंगे। साथ ही मार्च 2025 तक करीब एक लाख घरों तक गैस सप्लाई पहुंचाने का लक्ष्य है। कोटा में सीएनजी के वर्तमान में 10 स्टेशन हो चुके हैं।

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