10 प्रतिशत से ज्यादा की रफ्तार से आर्थिक वृद्धि संभव : सीतारमण

स्टार्टअप, एआई, अंतरिक्ष, कृषि और एआई-प्रौद्योगिकी में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता

10 प्रतिशत से ज्यादा की रफ्तार से आर्थिक वृद्धि संभव : सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बेंगलुरु में आईआईटी मद्रास एल्युमनी एसोसिएशन के 'संगम 2026' कार्यक्रम में कहा कि भारत 10 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए स्टार्टअप, एआई, अंतरिक्ष, कृषि और एआई-प्रौद्योगिकी में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है।

बेंगलुरु। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत 10 प्रतिशत से अधिक आर्थिक वृद्धि हासिल कर सकता है, लेकिन इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी, नवाचार और कृषि अगले चरण की आर्थिक वृद्धि को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सीतारमण ने आईआईटी मद्रास एल्युमनी एसोसिएशन के 'संगम 2026' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हासिल करना संभव है।'' उन्होंने कहा कि तेज आर्थिक वृद्धि से भारत की आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में यात्रा भी तेज होगी। हालांकि, इसके लिए सभी हितधारकों की ओर से अधिक प्रयास करने की आवश्यकता होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रतिभा और प्रौद्योगिकी के लिए लगातार नए अवसर खोलकर तथा लंबे समय से चली आ रही आर्थिक चुनौतियों के समाधान में नवाचार का इस्तेमाल कर भारत के पास आर्थिक वृद्धि बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी आधारित समाधान उत्पादकता बढ़ाकर, किसानों को बाजारों से जोड़कर और कृषि कार्यों के विभिन्न चरणों में तेजी लाकर ''असाधारण बदलाव'' ला सकते हैं। सीतारमण ने कहा कि ड्रोन और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी भूमि मानचित्रण जैसे क्षेत्रों में पहले से बदलाव ला रहे हैं।

प्रौद्योगिकी कृषि क्षेत्र में अल्परोजगार की समस्या से निपटने में भी मदद कर सकती है। इसके लिए उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ श्रमिकों को नई तकनीकों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में हुआ आर्थिक बदलाव अपने आप नहीं आया, बल्कि इसके पीछे सोच-समझकर किए गए नीतिगत हस्तक्षेप रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार और बैंकों को मजबूत करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराना संस्थागत विश्वास बहाल करने के लिए उठाए गए प्रमुख कदमों में शामिल थे।

उन्होंने उन क्षेत्रों को निजी भागीदारी के लिए खोलने की सरकार की नीति का भी उल्लेख किया, जहां पहले निजी क्षेत्र की भागीदारी सीमित थी। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र को इसका प्रमुख उदाहरण बताया। सीतारमण ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को खोले जाने से उपग्रहों और अन्य प्रौद्योगिकियों के विकास में जुटे स्टार्टअप की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अन्य उभरते क्षेत्रों को भी भारत की अगली आर्थिक वृद्धि में योगदान देने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। एआई के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति का आकलन केवल शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कई स्टार्टअप और यूनिकॉर्न पहले से सक्रिय हैं।

Read More गोवा में 97 वैध मतदाताओं के नाम हटने पर कांग्रेस हमलावर, जयराम रमेश बोले- चुनाव आयोग अनुरोधों की अनदेखी कर रहा

Post Comment

Comment List

Latest News

मायावती का बड़ा संगठनात्मक फैसला: बसपा को तीन सेक्टर में बांटा, बारिश-तूफान प्रभावितों की मदद के लिए कार्यकर्ताओं से अपील मायावती का बड़ा संगठनात्मक फैसला: बसपा को तीन सेक्टर में बांटा, बारिश-तूफान प्रभावितों की मदद के लिए कार्यकर्ताओं से अपील
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने के लिए पार्टी को...
एसआईआर को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री का पलटवार, कहा- निर्वाचन आयोग के संयुक्त बयान से स्थिति स्पष्ट
जापानी पर्यटकों की राजस्थान में सोलो ट्रेवल में बढ़ी रुचि,  पैलेस ऑन व्हील्स बनी आकर्षण का केंद्र 
रूस का यूक्रेन पर रातभर ड्रोन हमला: रसद केंद्रों, बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना, मालवाहक जहाज क्षतिग्रस्त
जयपुर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पार्षद वार्डों में विकास की रूपरेखा बनाएं : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
विश्व पर्यटन दिवस पर सीएम सम्राट चौधरी का संदेश, देश की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को दुनिया तक पहुंचाने की अपील
न्यू सांगानेर रोड चौड़ीकरण का विरोध तेज, जेडीए ने लगाए लाल निशान; 200 से अधिक दुकानों पर संकट