फील्डमार्शल ने लॉन्च किए भारत के पहले एआरएआई मंजूर टीआरईएम-V अनुरूप 15 और 18 एचपी डीजल इंजन

भविष्य में 100 एचपी श्रेणी और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार की योजना

फील्डमार्शल ने लॉन्च किए भारत के पहले एआरएआई मंजूर टीआरईएम-V अनुरूप 15 और 18 एचपी डीजल इंजन
राजकोट स्थित फील्डमार्शल पी.एम. डीजल्स ने 15 और 18 एचपी श्रेणी में भारत के पहले एआरएआई मंजूर टीआरईएम-V अनुरूप सिंगल सिलेंडर डीजल इंजन लॉन्च किए हैं। मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी ईजीआर तकनीक से विकसित ये इंजन compact ट्रैक्टरों के लिए बनाए गए हैं। कंपनी अगले तीन वर्षों में 10-15% बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखती है।

राजकोट। मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने की दिशा में राजकोट स्थित फील्डमार्शल पी.एम. डीजल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 15 और 18 हॉर्सपावर (एचपी) श्रेणी में भारत के पहले एआरएआई मंजूर टीआरईएम-V अनुरूप सिंगल सिलेंडर डीजल इंजन लॉन्च करने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, ये इंजन कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं।

नए इंजनों में स्वदेशी तकनीक से विकसित एग्जॉस्ट गैस रीसर्कुलेशन (ईजीआर) सिस्टम दिया गया है, जो उत्सर्जन कम करने और बेहतर संचालन में मदद करता है। कंपनी ने इस तकनीक से संबंधित कई राष्ट्रीय पेटेंट भी दाखिल किए हैं। इन इंजनों में ईंधन दक्षता, टिकाऊपन, प्रभावी कूलिंग और आसान रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया गया है।

कंपनी के निदेशक ऋषि पटेल ने कहा कि नए इंजन प्लेटफॉर्म का विकास कंपनी की छह दशकों से अधिक की इंजीनियरिंग यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य भारतीय तकनीक के माध्यम से किसानों और कृषि मशीनरी निर्माताओं की जरूरतों के अनुरूप विश्वसनीय उत्पाद विकसित करना है।

फील्डमार्शल अपने श्रीदेव ब्रांड के तहत 12, 15 और 18 एचपी क्षमता वाले ट्रैक्टरों की बिक्री करती है। कंपनी के अनुमान के मुताबिक, भारत में 20 एचपी से कम क्षमता वाले ट्रैक्टरों का सालाना बाजार करीब 40 से 45 हजार इकाइयों का है। कंपनी अगले तीन वर्षों में इस श्रेणी में 10 से 15 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना चाहती है। साथ ही, जल्द ही 30 एचपी तक के ट्रैक्टर पेश करने और भविष्य में 100 एचपी तक की श्रेणी में विस्तार की योजना है।

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वर्ष 1963 में स्थापित कंपनी की वार्षिक इंजन उत्पादन क्षमता अब 1.60 लाख से अधिक इकाइयों की है। इसके उत्पाद 60 से ज्यादा देशों में निर्यात किए जाते हैं। कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ संयुक्त विनिर्माण साझेदारी और सोनालिका, एसीई तथा काम्को के लिए ओईएम आपूर्तिकर्ता के रूप में भी काम करती है। भविष्य में कंपनी कृषि मशीनीकरण, स्वच्छ ऊर्जा, जल समाधान, सफाई उपकरण और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्रों में विस्तार करने की योजना बना रही है।

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