अजय राय की तौकीर रजा के परिजनों से देर रात मुलाकात, यूपी की सियासत में बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं और अटकलें
कानूनी व नैतिक सहयोग देने का आश्वासन
बरेली। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय बुधवार देर रात बरेली में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान के आवास पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात की। अचानक हुई इस मुलाकात के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राय दिल्ली से लखनऊ लौटते समय बरेली पहुंचे थे। उनके बरेली में रुकने अथवा किसी नेता से मुलाकात का कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था। स्थानीय कांग्रेस नेताओं के अनुसार, रात में पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वह सीधे सौदागरान स्थित मौलाना तौकीर रजा के आवास पहुंचे।
उन्होंने जेल में बंद मौलाना तौकीर रजा के पुत्र फरमान रजा और अन्य परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। करीब 45 मिनट तक परिवार के सदस्यों से बातचीत के बाद वह रात में ही लखनऊ रवाना हो गए। कांग्रेस नेताओं ने मुलाकात को मानवीय और पारिवारिक बताते हुए कहा कि अजय राय ने मुश्किल दौर में परिवार के साथ खड़े रहने और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। मौलाना तौकीर रजा सितंबर 2025 में बरेली में हुई हिंसा से जुड़े मामलों में जेल में हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सितंबर 2026 में उनकी जमानत याचिका खारिज की थी। अजय राय का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में संगठन को मजबूत करने में जुटी है। बरेली में आईएमसी की राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष की तौकीर रजा के परिजनों से मुलाकात स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।
हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुलाकात के दौरान किसी चुनावी गठजोड़, समर्थन अथवा सीटों को लेकर बातचीत नहीं हुई। इसे फिलहाल परिवार से मुलाकात और राजनीतिक-सामाजिक संवाद के रूप में ही देखा जा रहा है। मुलाकात के बाद अजय राय ने बरेली की पिछली हिंसा को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बरेली में दंगा नहीं हुआ था, बल्कि प्रशासन ने भीड़ पर लाठीचार्ज कराया और लोगों को झूठे मुकदमों में जेल भेजा। उन्होंने मौलाना तौकीर रजा के पक्ष में बोलते हुए कहा कि कांग्रेस परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें कानूनी मदद उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात सितंबर को तौकीर रजा की जमानत याचिका खारिज की थी। अदालत के आदेश में 2025 की बरेली हिंसा से जुड़े आरोपों और कथित भड़काऊ नारों का उल्लेख किया गया था। इस बीच अजय राय की देर रात हुई मुलाकात ने बरेली की स्थानीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है, हालांकि मुलाकात से किसी औपचारिक राजनीतिक गठजोड़ या चुनावी समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

Comment List