राहुल गांधी और प्रियंका को हिरासत में लेना लोकतंत्र के लिए चुनौती : नेता प्रतिपक्ष से मिलने से चुनाव आयोग का इनकार उपेक्षापूर्ण, चेन्निथला बोले- आयोग का आचरण संदेहास्पद
देश की जनता को चुनौती देने के समान
तिरुवनंतपुरम। केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने चुनाव आयोग से मिलने की मांग कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिये जाने और उन्हें बलपूर्वक हटाए जाने को लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती करार दिया है। चेन्निथला ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और अन्य सांसदों से मिलने से चुनाव आयोग का इनकार उपेक्षापूर्ण था और यह देश की जनता को चुनौती देने के समान था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का संवैधानिक दायित्व निभाने वाले केंद्रीय चुनाव आयोग का आचरण संदेहास्पद हो गया है। यह उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
चेन्निथला ने कहा कि स्थिति उस बिंदु तक पहुंच गयी थी, जहां दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कदमों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए, जिससे इस प्रमुख संवैधानिक संस्था की साख को और नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि गांधी ने देश में चुनावी प्रक्रिया को कमजोर न करने का आग्रह करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने का समय मांगा था। उन्होंने कहा, नेता प्रतिपक्ष और सांसदों से मिलने से चुनाव आयोग का इनकार संविधान की भावना पर भी सवाल उठाता है।
चेन्निथला ने आरोप लगाया कि गांधी और कांग्रेस भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने के केन्द्र सरकार के प्रयासों के खिलाफ लोगों को एकजुट कर बड़े लोकतांत्रिक संघर्ष का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने कहा, को ऐसा कोई भ्रम नहीं पालना चाहिए कि इस संघर्ष को गिरफ्तारियों या बल प्रयोग के जरिए शांत किया जा सकता है।

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