बाड़मेर में दिल दहलाने वाली घटना : एनएसजी कमांडो ने शराब विक्रेता के काटे हाथ-पैर, जानें पूरा मामला
कहासुनी हुई तो कर दिया हमला
बाड़मेर। बुधवार रात को बाड़मेर में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई, जहां एनएसजी कमांडो व उसके दोस्तों ने एक शराब विक्रेता के हाथ-पैर काट दिए। इस घटना के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई। जानकारी के मुताबिक शराब ठेका संचालक और दो साथियों को रास्ते में घेरकर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड कमांडो व उसके दोस्तों ने हमला बोल दिया। इनके हाथ में तलवार और अन्य धारदार हथियार थे। तलवार से शराब कारोबारी और उसके एक साथी के हाथ-पैर काट दिए। घटना में शराब कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। हमले के दौरान दूसरा साथी हाईवे से नीचे गिर गया, जिसे चोटें आई हैं।
मामला बाड़मेर के सदर थाना इलाके का
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बाड़मेर जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा, पुलिस ने समय पर घायलों को अस्पताल नहीं पहुंचाया। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे। जिला पुलिस अधीक्षक नरेन्द्रसिंह मीना ने गुरुवार दोपहर को धरने पर बैठे लोगों को बताया कि दो आरोपियों को दस्तयाब कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। एसपी के आश्वासन के बाद लोगों ने धरना समाप्त किया और मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया।
दिल्ली भेजी टीमें
एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया, हत्या का मुख्य आरोपी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड कमांडो चंपालाल है। वह दिल्ली में तैनात है। उसको लेकर दिल्ली में संबंधित अधिकारियों से बात की है। उसको पकड़ने के लिए टीमें भेजी जा रही हैं।
कहासुनी हुई तो कर दिया हमला
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार शाम को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड कमांडो चंपालाल अपने दोस्तों के साथ बाड़मेर जिले के होडु गांव स्थित शराब ठेके पर गया था। वहां सेल्समैन और उनके बीच रुपए के लेन-देन को लेकर कहासुनी हो गई। उस समय तो कमांडो और उसके दोस्त वहां से चले गए। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया, शराब को लेकर मामूली कहासुनी होने के बाद धारदार हथियार से हमला किया गया। वीरेंद्र चौधरी हाईवे किनारे खाई में गिर गया। चंपालाल और उसके साथियों ने खेताराम और हरखाराम के हाथ-पैर काट दिए।
जोधपुर रेफर: घायल वीरेंद्र ने बताया, फोन करके परिजन और ग्रामीणों को बुलाया। फिर इनको प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर आए। यहां खेताराम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि हरखाराम को जोधुपर रेफर किया गया है। हमलावारों में चंपाराम व ओमप्रकाश थे। दोनों को मैंने पहचान लिया, बाकी हमलावर पहचान में नहीं आए।
सेवानिवृत्ति पर आया था घर: हमला करने वाला कमांडो चंपालाल कुछ दिन पहले ही अपने पिता के रिटायरमेंट होने पर छुट्टी लेकर घर पहुंचा था। पिता लाखाराम 31 अगस्त को टीचर से सेवानिवृत्त हुए थे।

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