करवा चौथ पर चांद नहीं दिखे तो क्या करें? व्रत खोलने को लेकर पंडितों की अलग-अलग राय

रात में भोजन न कर सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर करें पारण

करवा चौथ पर चांद नहीं दिखे तो क्या करें? व्रत खोलने को लेकर पंडितों की अलग-अलग राय
करवा चौथ पर बादलों या खराब मौसम के कारण चंद्रमा न दिखने पर व्रत खोलने को लेकर विद्वानों में अलग-अलग राय है। कुछ विद्वान चंद्रोदय के निश्चित समय पर अर्घ्य देकर पारण करने की बात कहते हैं, जबकि अन्य सुबह सूर्य को अर्घ्य देने का सुझाव देते हैं।

जयपुर।  करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक और भावनात्मक महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। परंपरानुसार शाम को चंद्रमा के दर्शन करने, अर्घ्य देने और पति के हाथों जल ग्रहण करने के बाद व्रत खोला जाता है। लेकिन कई बार मौसम खराब होने या बादल छाए रहने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देता। ऐसी स्थिति में व्रत खोलने, चंद्रमा को अर्घ्य देने और पारण करने को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं सामने आती हैं।

करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन नहीं होने की स्थिति में व्रत खोलने और अर्घ्य देने की विधि को लेकर धार्मिक विद्वानों के अलग-अलग मत हैं। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। परंपरानुसार चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है, लेकिन बादल छाए रहने या मौसम खराब होने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं देने पर महिलाओं के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है।

पारिकोटा गणेश मंदिर के महंत अमित शर्मा का मत है कि यदि करवा चौथ की रात चंद्रमा के दर्शन नहीं होते हैं, तो महिलाओं को रात में भोजन नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर भोजन करना चाहिए। इस प्रकार चंद्रमा के दर्शन नहीं होने पर व्रत के पारण को लेकर उनकी मान्यता अन्य प्रचलित परंपराओं से अलग है।

वहीं, पंडित महेंद्र मिश्रा का कहना है कि करवा चौथ का व्रत आस्था और भावना से जुड़ा हुआ है। चंद्रमा के उदय होने के समय महिलाएं अर्घ्य देकर भोजन कर लेती हैं। कुछ महिलाएं ऐसी भी होती हैं, जो चंद्रमा के दर्शन नहीं होने पर सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर भोजन करती हैं। इस तरह अलग-अलग मान्यताओं के अनुसार महिलाएं व्रत का पारण करती हैं।

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एक विषय, अलग-अलग मान्यताएं

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चंद्रमा के दर्शन नहीं होने पर व्रत खोलने की विधि को लेकर एक मत नहीं होने से महिलाओं के बीच भी इस विषय पर चर्चा रहती है। धार्मिक परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार पूजा तथा पारण की विधि में अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में महिलाएं अपने परिवार की परंपरा और धार्मिक विद्वानों की सलाह के अनुसार निर्णय लेती हैं।

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