पंच-सरपंच पद के चुनाव मतपत्र से होंगे : अन्य पदों पर ईवीएम से होगी वोटिंग, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किए दिशा निर्देश
नोटा का विकल्प भी उपलब्ध
जयपुर। प्रदेश में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में पंच और सरपंच पद के लिए चुनाव मतपत्र से कराए जाएंगे। अन्य पदों के चुनाव ईवीएम से होंगे। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए। पंच और सरपंच पद के नाम निर्देशन पत्र की प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नियुक्त किए गए रिटर्निंग अधिकारी एवं उनकी सहायता के लिए नियुक्त किए गए मतदान दल के कार्मिक के द्वारा संपादित की जाएगी। चुनाव आयोग के अनुसार पंच व सरपंच पद के नामए, निर्देशन पत्र की प्राप्ति, संवीक्षा एवं नाम वापसी की प्रक्रिया एक ही दिन कराने की व्यवस्था रहेगी।
चुनाव आयोग के अनुसार, जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वीकार किया गया है तथा नामांकन पत्र वापिस नहीं लिया गया है। उनको चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाएगा। पंच और सरपंच के लिए अलग-अलग चुनाव चिन्ह दिए जाएंगे। उम्मीदवारों की सूची हिन्दी वर्णमाला के अनुसार तैयार की जाएगी। उसी क्रम में अभ्यर्थियों को चुनाव प्रतीक चिन्हों का आवंटन किया जाएगा। साथ ही नामांकन पत्र से संबंधित दस्तावेजों की पी-1 लिफाफे में रखे जाएंगे और इसे सीलबद्ध नहीं किया जाएगा।
चुनाव आयोग के आदेशानुसार पंच और सरपंच पद के चुनाव के लिए मतपत्र के रंग एवं प्रारूप का निर्धारण किया गया है। मतपत्रों पर मात्र प्रतीक चिन्ह होना चाहिए व उम्मीदवार संबंधित सूचना का स्थान खाली होना चाहिए। उम्मीदवार को आवंटित किए गए प्रतीक चिन्ह के सामने रिक्त स्थान पर उम्मीदवार का नाम काले बाल पैन से मतदान दलों के अधिकारी-कार्मिकों द्वारा लिखा जाएगा। मतदान दलों द्वारा मतपत्रों पर शुद्ध नाम लिखे जाने का कार्य प्ररूप-5 में प्रदर्शित किए जाने के बाद ही ग्राम पंचायत स्तर पर ही सम्पादित किया जाएगा। मतदान दलों द्वारा तैयार किए गए इन मतपत्रों से ही मतदान करवाया जाएगा।
पंच-सरपंच चुनाव के मतपत्रों का नया प्रारूप तय :
चुनाव आयोग ने पंच और सरपंच पदों के लिए मतपत्रों का प्रारूप तय कर दिया है। दोनों पदों के लिए अलग-अलग 40-40 चुनाव चिन्ह निर्धारित किए गए हैं। सरपंच के मतपत्र सफेद रंग के होंगे। मुख्य मतपत्र पर 1 से 10 तक चुनाव चिन्ह, पहली अतिरिक्त स्लिप पर 11 से 20, दूसरी पर 21 से 30 और तीसरी पर 31 से 40 अंकित होंगे। मतपत्रों पर 7 अंकों की संख्या होगी, काउंटर फाइल नहीं रहेगा। इन्हें 100-100 के बंडल और 10 बंडलों का पैक बनाया जाएगा।
पंच के मतपत्र गुलाबी रंग के होंगे, बाकी व्यवस्था समान रहेगी। नाम निर्देशन के बाद नाम हाथ से लिखे जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी जरूरत के हिसाब से मतपत्र छापवाएंगे। सरपंच के लिए अतिरिक्त स्लिपें 20 फीसदी, 5 फीसदी और 1 फीसदी जबकि पंच के लिए 5 फीसदी, 2 फीसदी और 1 फीसदी छापी जाएंगी। मुद्रण निजी प्रेस से जिला स्तर पर सख्त सुरक्षा में होगा।
नोटा का विकल्प भी उपलब्ध :
पंचायती राज चुनावों में नोटा का विकल्प भी उपलब्ध है। नोटा का अर्थ है कि मतदाता चुनाव लड़ रहे किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करता है। नोटा (इनमें से कोई नहीं) के निर्धारित प्रतीक युक्त स्टीकर आयोग स्तर से मुद्रित करवाकर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस स्टीकर को अंतिम अभ्यर्थी के बाद में अगले स्थान पर चिपकाया जाएगा।

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