राष्ट्रीय राजमार्गों का होगा थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट, हादसों में मौतें रोकने के लिए एनएचएआई की जीरो टॉलरेंस नीति
राष्ट्रीय राजमार्गों पर थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट की तैयारी
जयपुर। सड़क हादसों में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट कराने की तैयारी की जा रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष योजना तैयार की जा रही है। तेज रफ्तार वाले कॉरिडोर को हादसों की दृष्टि से सबसे संवेदनशील मानते हुए इन पर विशेष फोकस रहेगा। देश के कुल सड़क नेटवर्क में राष्ट्रीय राजमार्गों की हिस्सेदारी महज करीब 3.6 प्रतिशत है, लेकिन सड़क हादसों में होने वाली मौतों में इनकी हिस्सेदारी 35.2 प्रतिशत से अधिक है।
ऐसे में राजमार्गों पर दुर्घटनाओं और मृत्यु के मामलों को कम करने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया जा रहा है। सेफ्टी ऑडिट के दौरान सड़क इंजीनियरिंग, डिजाइन, संकेतक, ब्लैक स्पॉट और अन्य तकनीकी खामियों की पहचान की जाएगी। सामने आने वाली कमियों के स्थायी समाधान पर जोर रहेगा। एनएचएआई के साथ संयुक्त कार्रवाई कर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है। सुरक्षित सड़क इंजीनियरिंग और आधुनिक तकनीकी उपायों को प्राथमिकता देकर हादसों में होने वाली मौतों को रोकने का लक्ष्य रखा गया है।

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