voice of youth : खेती से जुड़ें युवा, खुशहाल होगा देश
जमीन बेचने के बजाय खेती में करें नवाचार
कोटा। भारत कृषि प्रधान देश है और यहां की बड़ी आबादी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। इसके बावजूद आज किसान अपनी जमीनें बेचकर जीवनयापन करने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं, रोजगार की तलाश में युवा गांव छोड़कर शहरों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं को कृषि से जोड़ना, खेती में नवाचार को बढ़ावा देना और आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की मांग है। युवाओं का मानना है कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान, जैविक खाद, उन्नत बीज और पानी की बचत करने वाली सिंचाई पद्धतियों के इस्तेमाल से उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ाए जा सकते हैं। कुछ ऐसे ही विचार युवाओं ने दैनिक नवज्योति के वॉइस आॅफ यूथ में साझा किए।
किसान बेच रहे जमीन, भविष्य पर संकट
आज कई किसान अपनी जमीन बेचकर परिवार का खर्च चला रहे हैं। जमीन से मिलने वाली रकम कुछ समय के लिए राहत दे सकती है, लेकिन जमीन बिक जाने के बाद आजीविका का स्थायी साधन भी खत्म हो सकता है। जमीन बेचने के बजाय युवाओं को उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि तकनीक और नए प्रयोगों के जरिए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए। किसानों के पढ़े-लिखे बच्चों को भी खेती से जुड़कर इसे एक बेहतर व्यवसाय बनाने की पहल करनी चाहिए।
-योगेश कुमार, स्टूडेंट
घर छोड़ने के बजाय खेती में तलाशें अवसर
किसानों के बच्चे पढ़-लिखकर नौकरी की तलाश में शहरों की ओर चले जाते हैं। कई बार गांवों में खेती की जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों की कमी हो जाती है और किसान जमीन बेचने का फैसला कर लेते हैं। युवाओं को खेती से विमुख होने के बजाय इसमें नई संभावनाएं तलाशनी चाहिए। कृषि संबंधी ज्ञान हासिल कर आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना चाहिए, ताकि कम जमीन में भी बेहतर उत्पादन लिया जा सके और खेती को लाभकारी बनाया जा सके।
-जयप्रकाश, स्टूडेंट
जैविक खाद से बेहतर होगी फसल की गुणवत्ता
युवाओं को कृषि क्षेत्र में आगे आकर जैविक खाद और टिकाऊ खेती के तरीकों को अपनाना चाहिए। मिट्टी की सेहत बनाए रखने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और फसल की गुणवत्ता सुधारने में जैविक खाद की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके लिए युवाओं को कृषि से जुड़ी नई जानकारियां हासिल करनी चाहिए और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करनी चाहिए। पढ़ाई का उद्देश्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि अपने ज्ञान से कृषि क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा करना होना चाहिए।
-कुमकुम कुमारी, स्टूडेंट
तकनीकी ज्ञान से बढ़ेगी उत्पादकता और मुनाफा
भारत की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में युवाओं की भागीदारी खेती को नई दिशा दे सकती है। आज ड्रिप सिंचाई, ड्रोन, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि उपकरणों जैसी तकनीकों से खेती को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। युवा अपनी शिक्षा और तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल कर पानी की बचत, फसल प्रबंधन और लागत कम करने की दिशा में काम कर सकते हैं। इससे खेती की उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में सुधार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
-खुशी कुमारी, स्टूडेंट

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