व्यापारियों का बड़ा फैसला: आज देश भर में मनाया जा रहा 'नो यूपीआई डे', MDR शुल्क हटाने की मांग
गांधी वाटिका से हुई अभियान की शुरुआत
जयपुर। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (BUVM) के आह्वान पर शुक्रवार को देश भर में 'नो यूपीआई डे' (No UPI Day) मनाया जा रहा है। व्यापारी संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन पर लगाए गए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क का कड़ा विरोध करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। अभियान की शुरुआत राजधानी जयपुर में महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर हुई। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने प्रातः गांधी वाटिका पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और इसके बाद 'नो यूपीआई डे' की घोषणा की।
डिजिटल पेमेंट का अनोखा विरोध
इस विरोध प्रदर्शन के तहत व्यापारियों ने यूपीआई के जरिए भुगतान लेने से इनकार कर दिया। इसके एक बड़े प्रतीक के रूप में स्टेच्यू सर्किल स्थित एक प्रमुख कैफे में भी यूपीआई से पेमेंट स्वीकार नहीं किया गया, जिससे डिजिटल टैक्स के प्रति व्यापारियों का आक्रोश साफ नजर आया।
प्रमुख व्यापारिक संगठनों का मिला समर्थन
इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को राजस्थान और जयपुर के सभी शीर्ष व्यापारिक संगठनों ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। इस अवसर पर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश सैनी, महामंत्री प्रेम प्रकाश गुप्ता, महेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राम मोहन दुसाद, उपाध्यक्ष किशोर नाजवानी, राष्ट्रीय महामंत्री पवन अग्रवाल और राष्ट्रीय मंत्री मधुसूदन गर्ग उपस्थित रहे। इसके साथ ही बी यू वी एम की राष्ट्रीय सलाहकार ज्योति खंडेलवाल, सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर व्यापार महासंघ, फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) और जयपुर फल सब्जी थोक विक्रेता संघ मुहाना मंडी के अध्यक्ष योगेश तंवर सहित भारी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधियों ने इस मुहिम में हिस्सा लेकर एकजुटता दिखाई।
व्यापारिक नेताओं का कहना है कि सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन यूपीआई पर एमडीआर शुल्क लगाकर छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Comment List