राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कई सालों से लगी रोक हटाई, पदोन्नती को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में हेड कांस्टेबल से सीआई पद तक की पदोन्नतियों का रास्ता साफ
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कई सालों से अटकी हुई हेड कांस्टेबल से सीआई तक के पद पर होने वाली पदोन्नतियों का रास्ता साफ करते हुए इन पर लगी रोक हटा दी है। इसके साथ ही अदालत ने पदोन्नति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने राज्य सरकार को कहा है कि साल 1989 के नियमों के तहत पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढाया जाए। जस्टिस आनंद शर्मा ने यह आदेश तेजराम व अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए दिए।
अदालत ने राज्य सरकार व पुलिस विभाग की साल 2013-14 के खाली पदों पर की गई पदोन्नति प्रक्रिया को सही करार देते हुए कहा कि इसमें मनमाना व एकतरफा बदलाव नहीं किया है और यह नियमों के तहत ही है। अदालत ने अपने आदेश में माना है कि राज्य सरकार ने पहले से चयनित कार्मिकों की वरिष्ठता और पदोन्नति की स्थिति को सुरक्षित रखने का प्रयास किया है। इसके साथ ही बाद के सालों में पात्र कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नियमित कैडर की रिक्तियों को भी सुरक्षित रखा है।
ऐसे में, जब संशोधित निर्णय में वैधानिक नियमों का उल्लंघन, स्पष्ट मनमानी, भेदभाव या दुर्भावनापूर्ण निर्णय ही साबित नहीं हुआ है तो अदालत निर्धारित कैडर की संख्या या पदोन्नति के खाली पदों को लेकर दखल उचित नहीं समझता।
याचिका में ये कहा था :
पुलिसकर्मियों ने याचिकाओं में कहा था कि पदोन्नति प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं हो रहा और उन्हें पदोन्नति नहीं दी जा रही है। राज्य सरकार ने 2013-2014 और 2015-2016 के पुलिसकर्मियों के खाली पदों की सही गणना नहीं की है। इसके उनकी पदोन्नति प्रभावित हो रही है, इसलिए राज्य सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह खाली पदों की सही गणना कर याचिकाकर्ताओं को पदोन्नति दे। इसके विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से एएजी भुवनेश शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने नियमानुसार ही पदोन्नति प्रक्रिया की है और इसमें कोई मनमानी नहीं की गई है। इसलिए पदोन्नति प्रक्रिया पर लगी रोक हटाकर इसे जारी रखा जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने रोक हटाते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढाने को कहा है।

Comment List