LPU में यौन उत्पीड़न के दावों पर बवाल: अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज, जांच के लिए SIT गठित ; प्रशासन ने आरोपों को बताया अफवाह
डीआईजी ने की छात्रों से मुलाकात
फगवाड़ा। पंजाब में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रा से कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने रविवार को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 के तहत मामला दर्ज किया। इसके साथ ही मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हालांकि सोशल मीडिया पर प्रसारित दुष्कर्म संबंधी सूचनाओं को गलत और निराधार बताया है। इस मामले में लगाये गये आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
सतनामपुरा थाना, फगवाड़ा में 27 सितंबर को दर्ज प्राथमिकी एक छात्रा की शिकायत के आधार पर दर्ज की गयी है। प्राथमिकी में घटना की तारीख 23 सितंबर बतायी गयी है और आरोपी के रूप में अज्ञात व्यक्ति का नाम दर्ज किया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाये गये आरोपों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों की जांच करेगी। जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक नवीन सिंगला ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गयी है। इसमें फगवाड़ा के पुलिस अधीक्षक मेजर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक पलविंदर सिंह, एक महिला पुलिस निरीक्षक तथा छात्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जांच में फोरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्यों का पता लगाया जाएगा।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब शनिवार देर रात से रविवार तड़के एलपीयू परिसर में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की सूचना सोशल मीडिया और संदेशों के जरिए फैलने के बाद छात्रों का एक वर्ग विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने लगा। रात करीब दो बजे छात्रावास के निकट शुरू हुआ प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, खिड़कियों के शीशे तोड़ने तथा ईंट-पत्थर और गमले फेंके जाने की सूचना है। कुछ भवनों के हिस्सों में आग लगाये जाने की भी बात सामने आयी है। विश्वविद्यालय के निजी सुरक्षा कर्मियों के स्थिति पर नियंत्रण नहीं कर पाने के बाद प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार की ओर बढ़ गये। परिसर में लगे संकेतक और अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त किये जाने की सूचना है।
इसके बाद प्रदर्शनकारी फगवाड़ा-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गये और करीब चार बजे सड़क जाम कर दी। इससे इस व्यस्त मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने विश्वविद्यालय तथा आसपास के क्षेत्र में भारी बल तैनात किया और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया।
कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा भी मौके पर पहुंचे और पुलिस कार्रवाई की निगरानी की। उन्होंने शुरुआती चरण में कहा था कि हंगामा एक छात्रा से कथित दुष्कर्म से संबंधित वायरल संदेश के कारण हुआ और उस समय पुलिस को आरोप की पुष्टि करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला था, तथा कोई शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई थी। बाद में एक छात्रा की शिकायत मिलने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। एलपीयू की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं को 'गलत, निराधार और मनगढ़ंत' करार दिया। श्वविद्यालय ने कहा कि इन सूचनाओं से छात्रों और अभिभावकों में अनावश्यक भ्रम पैदा हो रहा है, तथा शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने तथा उन्हें आगे प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
विश्वविद्यालय ने यह भी आरोप लगाया कि सूचनाओं को जिस तरह प्रसारित किया गया, उससे उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास प्रतीत होता है। प्रशासन ने लोगों से केवल विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर भरोसा करने को कहा है। एलपीयू के डीन सौरव लखनपाल ने कहा कि प्रदर्शन में कई बाहरी या असामाजिक तत्वों के शामिल होने का आरोप है। उन्होंने परिसर में दुष्कर्म की अफवाहों को खारिज करते हुए छात्रों से 10 प्रतिनिधियों का एक समूह बनाने की अपील की, जो पुलिसकर्मियों के साथ मामले के तथ्यों की जानकारी ले सके। उन्होंने कहा कि परिसर में हुई हिंसा और संपत्ति के नुकसान के संबंध में भी विश्वविद्यालय कानूनी कार्रवाई करेगा।
रविवार दोपहर तक बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ छात्रों के विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के निकट स्थापित टैंकों पर चढ़ने की भी सूचना है। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गयी। राजमार्ग पर प्रदर्शन जारी रहने के कारण यातायात को संपर्क मार्गों की ओर मोड़ा गया। यातायात प्रभारी अमन दवेश्वर ने बताया कि वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने और जाम कम करने के लिए मार्ग परिवर्तन किया गया है। इस बीच, परिसर में हुई तोड़फोड़ और प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होते रहे। पुलिस बल विश्वविद्यालय के आसपास तैनात रहा और अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत जारी रखी।
प्राथमिकी दर्ज होने और एसआईटी गठित किये जाने के बाद अब पुलिस के सामने कथित घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के साथ-साथ शिकायत में लगाये गये आरोपों की जांच करना प्रमुख कार्य है। पुलिस तकनीकी एवं फोरेंसिक साक्ष्यों, संबंधित लोगों के बयानों और अन्य उपलब्ध सामग्री की जांच करेगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित करने की घटनाओं की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। रविवार दोपहर तक कथित दुष्कर्म के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी और मामला पुलिस जांच के अधीन था। पुलिस और प्रशासन का प्रयास प्रदर्शन को शांत कराने, यातायात बहाल करने तथा परिसर में सामान्य स्थिति कायम करने का था।

Comment List