एसओजी में ऐसा क्या कि दो-दो करोड़ से नीचे तो बात ही नहीं! तीन एएसपी पर दो-दो करोड़ की घूस का लगा था आरोप
पहले दिव्या, फिर सत्यपाल और अब मुकेश सोनी
जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) से जुड़े रिश्वत के मामलों में आरोपों की फेहरिस्त को खंगालें तो चौंकाने वाला पैटर्न सामने आता है। अलग-अलग मामलों में एसओजी के तीन एडिशनल एसपी पर दो-दो करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने या उससे जुड़े होने के आरोप लगे हैं। इनमें तत्कालीन एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल, सत्यपाल मिड्ढा और अब उदयपुर एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी का मामला शामिल है। ताजा मामले में एसीबी ने एसओजी अधिकारी के कथित दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को 2 करोड़ रुपए लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
पहला मामला जुलाई 2020 : जांच बंद करने के नाम पर 2 करोड़
एसओजी के तत्कालीन एडिशनल एसपी सत्यपाल मिढ्ढा से जुड़ा मामला क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी से संबंधित शिकायत की जांच का था। शिकायत के अनुसार जांच एसओजी के पुलिस निरीक्षक विष्णु खत्री और एडिशनल एसपी सत्यपाल मिढ्ढा कर रहे थे। आरोपों के अनुसार सोसायटी के मामलों में जांच समाप्त करने और एफआईआर दर्ज नहीं करने के बदले अपने लिए तथा एसओजी के उच्चाधिकारियों के नाम पर 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई। पहली किस्त के रूप में 30 लाख रुपए मांगे। जांच के बाद सत्यपाल मिढ्ढा का तबादला 8वीं बटालियन दिल्ली में कर दिया।
दूसरा मामला मई 2021 : दवा कंपनी मालिक से 2 करोड़ मांगे
आरोपों के अनुसार, एसओजी की तत्कालीन एडिशनल एसपी दिव्या मित्तल एक दवा कंपनी के मालिक की हरिद्वार स्थित फैक्ट्री में पहुंची थीं। वहां उन्हें बताया गया कि अजमेर में साइकोट्रॉपिक दवाओं से जुड़े तीन मामले दर्ज हैं और बरामद दवाओं में संबंधित कंपनी की दवाएं भी शामिल हैं। आरोप था कि एनडीपीएस एक्ट के मामले में राहत दिलाने और नाम हटवाने के एवज में दलाल के माध्यम से 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई। एसीबी ने मामले का सत्यापन के बाद कार्रवाई की, लेकिन मित्तल के खिलाफ अभियोजन स्वीकृत नहीं मिलने के कारण उन्हें क्लीन चिट मिल गई।
तीसरा मामला सितम्बर 2026: 2 करोड़ लेते दलाल रंगे हाथ पकड़ा
अब ताजा मामला 26 सितंबर 2026 का है। एसीबी इंटेलीजेंस यूनिट उदयपुर ने कार्रवाई कर सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इससे पूछताछ के बाद एएसपी मुकेश कुमार सोनी को भी दबोचा है। आरोप था कि उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़े प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को राहत दिलाने, अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने तथा गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के घरों से मिले ऐसे दस्तावेज, जिन्हें जब्त नहीं किया गया था, वापस लौटाने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। एसीबी ने सोनी के दलाल सज्जन सिंह को 2 करोड़ रुपए लेते पकड़ा गया।
राजस्थान में एसीबी के तीन बड़े रिश्वत प्रकरण :
2015: अशोक सिंघवी तत्कालीन प्रमुख सचिव खान एवं पेट्रोलियम विभाग: 3.80-3.85 करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार। आरोप था कि बंद खदानों को दोबारा शुरू कराने के एवज में घूस ली गई। बाद में सिंघवी छूट गये।
2025: जयकृष्ण पटेल तत्कालीन बागीदौरा विधायक: एसीबी के अनुसार पहले 10 करोड़ रुपए की मांग की गई, बाद में सौदा 2.5 करोड़ रुपए में तय हुआ। ट्रैप में पहली किस्त के तौर पर 20 लाख रुपए लिए जाने का आरोप है।
2026: जुगल किशोर बिश्नोई, राजस्थान स्टेट सीड कॉरपोरेशन के निदेशक: एसीबी ने उन्हें और अन्य आरोपियों को 2.44 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत राशि के साथ पकड़ा। बीकानेर स्थित घर से 1.59 करोड़ रुपए और उनके भांजे से 85 लाख रुपए बरामद हुए।

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