कैबिनेट के कई अहम फैसले : एक साथ होंगे पंचायत और निकाय चुनाव, ओबीसी आरक्षण की लॉटरी जल्द
कृषि-फूड प्रोसेसिंग नीति मंजूर, हर जिले में बनेंगे फूड पार्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में सीएमओ में हुई मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में पंचायत राज और नगरीय निकाय चुनावों को वन स्टेट-वन इलेक्शन की अवधारणा पर कराने का निर्णय किया गया। साथ ही ओबीसी आयोग की सिफारिशें मंजूर कर आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ किया गया।
बैठक में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, श्रम, पर्यावरण, अक्षय ऊर्जा और ग्रामीण रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले भी हुए। प्रेसवार्ता में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी दी।
पटेल ने बताया कि पंचायत राज एवं स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग समय पर होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं। इसलिए दोनों चुनाव एक साथ कराने का निर्णय लिया गया है। ओबीसी आयोग की सिफारिशें 5 अगस्त को सरकार को मिली थीं। इन्हें स्वीकार करने के बाद पंचायत राज एवं नगरीय निकायों में एससीए एसटी के साथ ओबीसी आरक्षण का प्रावधान होगा। इसके बाद आरक्षित सीटों के लिए लॉटरी शुरू की जाएगी।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर :
कर्नल राठौड़ ने बताया कि राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत फल-सब्जी, मसाला, अनाज, तिलहन, दलहन, शहद, दुग्ध, पशु आहार सहित विभिन्न प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा। श्रीअन्न को प्रोत्साहित करने के लिए श्रीअन्न प्रमोशन एजेंसी बनाई जाएगी। पात्र इकाइयों को ऋण के आधार पर 40 से 60 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान मिलेगा। महिला, एससी-एसटी, टीएसपी और एफपीओ की भागीदारी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।
हर जिले में क्लस्टर आधारित फूड पार्क :
राजस्थान फूड पार्क विकास नीति-2026 को भी मंजूरी मिली। प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से क्लस्टर आधार पर फूड पार्क विकसित किए जाएंगे। इनमें खाद्य संरक्षण, भंडारण, प्रसंस्करण और परिवहन की एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
श्रमिकों के लिए 48 घंटे का साप्ताहिक कार्य :
संसदीय मंत्री ने बताया कि मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम-2026 को मंजूरी दी गई। सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम निर्धारित किए गए हैं। छह दिवसीय सप्ताह में विश्राम सहित अधिकतम साढ़े दस घंटे प्रतिदिन की व्यवस्था होगी और सातवां दिन सवैतनिक अवकाश रहेगा। लगातार पांच घंटे काम के बाद आधे घंटे के विश्राम का प्रावधान किया गया है। महंगाई भत्ता साल में दो बार, 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को संशोधित होगा।
हरित क्षेत्र और अक्षय ऊर्जा पर फैसले :
आउटसाइड फॉरेस्ट पॉलिसी को मंजूरी देते हुए वन क्षेत्र से बाहर पेड़ लगाने को बढ़ावा देने का निर्णय किया गया। अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में आवंटित भूमि का 10 प्रतिशत हिस्सा पौधारोपण के लिए आरक्षित रखना होगा।
ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी :
विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना शुरू करने की स्वीकृति दी गई। इसमें ग्रामीण परिवारों को वित्तीय वर्ष में 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी देने का प्रावधान है। जल संरक्षण, आधारभूत ढांचे और आपदा प्रबंधन से जुड़े काम भी कराए जाएंगे।
9 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा :
मंत्रिपरिषद ने हर घर तिरंगा-2026 अभियान को 9 से 17 अगस्त तक प्रदेश में व्यापक स्तर पर मनाने पर चर्चा की। घरों, स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर तिरंगा फहराने के साथ तिरंगा यात्राएं, रैलियां और वंदे मातरम का सामूहिक गायन होगा।
प्रभारी मंत्री जिलों में जाकर व्यवस्थाएं देखेंगे :
मानसून की स्थिति को देखते हुए सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वे बिजली, पेयजल, सड़क, चिकित्सा और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। किसानों को खाद, प्रमाणित बीज और अन्य कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

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