पंचायत चुनाव में युवा तय करेंगे गांव की सरकार : 14 लाख युवा पहली बार डालेंगे वोट, रोजगार, पलायन, शिक्षा और इंटरनेट सबसे बड़े सवाल
युवा महिला मतदाताओं की अहम भूमिका
जयपुर। निकाय चुनाव के बाद अब गांव की सरकार चुनने की बारी है। पंचायत चुनाव में इस बार करीब 1.85 करोड़ युवा मतदाता निर्णायक भूमिका में रहेंगे।
4.03 करोड़ मतदाताओं में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी करीब 46 फीसदी है। इनमें करीब 14 लाख युवा पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में पंचायत चुनाव में युवा केवल संख्या नहीं, बल्कि गांव के स्थानीय मुद्दों की दिशा तय करने वाला बड़ा मतदाता वर्ग है। अंतिम मतदाता सूची के अनुसार 18 से 25 वर्ष के 76.24 लाख और 26 से 35 वर्ष के 1.08 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। 18 से 25 वर्ष के युवाओं के सामने उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास और पहली नौकरी के सवाल हैं। वहीं, 26 से 35 वर्ष का वर्ग रोजगार, कारोबार, खेती, परिवार और आय से जुड़े मुद्दों को लेकर मतदान करेगा।
गांव में रोजगार, शहर की ओर पलायन बड़ा सवाल :
पंचायत चुनाव में युवाओं के मुद्दे शहरों से अलग हैं। गांव की सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और स्कूल के साथ स्थानीय रोजगार, इंटरनेट, खेती की आय और पलायन प्रमुख सवाल होंगे। युवाओं की मांग है कि गांव में रोजगार और डिजिटल सुविधाएं बढ़ें, ताकि पढ़ाई और काम के लिए शहरों पर निर्भरता कम हो।
युवा महिला मतदाताओं की अहम भूमिका :
युवा महिला मतदाताओं की भी बड़ी भूमिका रहेगी। शिक्षा, छात्रावास, सुरक्षित परिवहन, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं उनके प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव में चौपाल से लेकर सामाजिक माध्यमों तक युवा मुद्दे चुनावी बहस के केन्द्र में रहने की संभावना है।

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